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अमर उजाला कैंपस डायरी: सिफारिश के लिए लिखा पत्र, बवाल होने पर बोले- पत्र फाड़ दीजिए, मेरी इसमें रुचि नहीं

Wed, 15 Feb 2023 04:19 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 15 Feb 2023 04:19 PM IST
सार

हुआ यूं, पिछले दिनों मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में फर्जी दस्तावेज के आधार पर बीटेक प्रवेश के मामले में एक छात्र उनके पास पहुंच गया। विधायक के सामने भविष्य की दुहाई देकर प्रवेश के मामले में पैरवी करने को कहा।

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Amar Ujala Campus Diary on MMMUT Gorakhpur
MMMUT - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के एक विधायक पैरवी कर बुरे फंस गए। फंसे भी क्यों न, आदत के मुताबिक जो भी उनके पास पहुंच जाता है, बिना पूरी जानकारी सिफारिशी पत्र लिख देते हैं। हुआ यूं, पिछले दिनों मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में फर्जी दस्तावेज के आधार पर बीटेक प्रवेश के मामले में एक छात्र उनके पास पहुंच गया। विधायक के सामने भविष्य की दुहाई देकर प्रवेश के मामले में पैरवी करने को कहा।

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विधायक भी फौरन अपने प्रतिनिधि से पत्र लिखने को कह दिए और फिर हस्ताक्षर कर दिया। जब यह पत्र विश्वविद्यालय के मुखिया के पास पहुंचा तो वह भी सन्न रह गए। उन्होंने विधायक को फोन मिला दिया। पूरी बात बताई और यह भी कहा कि मामला मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में है। यह सुनकर विधायक का माथा चकरा गया।
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बोले, पत्र को फाड़ दीजिए, मेरा इसमें कोई रुचि नहीं है। फिर अपने पीए से बोले, तुम किसी को भी लेकर चले आते हैं। ऐसे ही पत्र लिखवा दोगे तो लेने के देने पड़ जाएंगे। ऐसे मामले जलती आग की तरह है, हाथ डालोगे तो जलना तय है। तबसे अब विधायक जी पहले मामले को जान लेते हैं, फिर पत्र लिखते हैं।
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सर्वर का मामला है, बड़े साहब ही जानें

गोरखपुर विश्वविद्यालय का सर्वर इन दिनों बवाल-ए-जान बन गया है। परीक्षा फार्म, शुल्क जमा करने के साथ परीक्षाएं भी होने जा रही हैं। ऐसे में ऐन मौके पर ही सर्वर ने धोखा दे दिया। मंडल भर के प्रबंधक परेशान हो गए। अंतिम दिन बीतने को था और सर्वर ही चले ही न। फिर कुछ ने एक अफसर को मिलाकर कहा कि तारीख ही बढ़वा दीजिए।

उनकी बातें सुनने के बाद अफसर ने गहरी सांस ली और बोले भाई, सर्वर का मामला है अब तो बड़े ही साहब ही जानें। इस मामले में कौन हाथ डालेगा। बाहर निकलकर प्रबंधकों ने चुटकी लेते हुए कहा कि बेकार है कहना-सुनना। यहां तो वन मैन आर्मी वाला ही हिसाब-किताब है।
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