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माह-ए-रमजान : एक साथ अदा हो रहे तीन फर्ज

Sun, 22 Feb 2026 02:50 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 02:50 AM IST
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Along with prayers and fasting, Zakat is also being paid
- नमाज, रोजे के साथ जकात भी कर रहे अदा
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गोरखपुर। माह-ए-रमजान में रोजेदार बंदों को सवाब कमाने का भरपूर मौका मिला है। एक नेकी का 70 गुना सवाब मिल रहा है। ऐसे में रोजेदार एक साथ तीन फर्ज अदाकर सवाब से मालामाल हो रहे हैं। नमाज पढ़ने के साथ रोजा भी रख रहे हैं। वहीं, जो मालिके निसाब हैं वह जकात भी अदा कर रहे हैं।
शनिवार का दिन अल्लाह की रजा में गुजारा। भूख प्यास के बीच रोजेदारों ने अल्लाह का शुक्र अदा किया। रोजा रखने के साथ रात में तरावीह की नमाज अदा कर अल्लाह को राजी करने में लगे हुए हैं। कुरआन-ए-पाक की तिलावत जारी है। मस्जिदों की सफें नौजवानों, बुजुर्गों व बच्चों से भरी नजर आ रही हैं। घरों में महिलाएं इबादत के साथ किचन की जिम्मेदारियां उठा रही हैं। बाजारों में चहल-पहल है। हर तरफ रमजान का फैजान जारी है।
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हजरत फातिमा जहरा को शिद्दत से किया गया याद

पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बेटी हजरत सैयदा फातिमा जहरा का उर्स-ए-पाक शनिवार को मनाया गया। उनकी पाकीजा जिंदगी पर रोशनी डाली गई। फातिहा ख्वानी हुई। मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर में कारी मुहम्मद अनस रजवी ने कहा कि प्यारे नबी की बेटी और हजरत अली की बीवी हजरत फातिमा का विसाल (निधन) तीन रमजान को हुआ था। उनकी जिंदगी हम सभी खासकर औरतों के लिए ऐसी नजीर है, जिस पर अमल करते हुए अपनी जिंदगी को खूबसूरत बनाया जा सकता है। हजरत फातिमा ने अपनी पूरी जिंदगी अल्लाह की इबादत में गुजार दी। वालिद, शौहर, बेटों के साथ उनका जो सुलूक रहा, वह आज भी एक नमूना-ए-हयात बना हुआ है।
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रोजे से गफलत दूर होती है : मोहम्मद आजम

शिक्षिक मोहम्मद आजम ने बताया कि रोजे से गफलत दूर होती है। इसलिए बंदा अल्लाह का करीबी हो जाता है। हदीस शरीफ में है कि रमजान और कुरआन रोजेदार की शफाअत करेंगे। अल्लाह तआला ने फरमाया कि बंदा रोजा मेरे लिए रखता है और उसकी जजा मैं दूंगा। बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को मेरी वजह से छोड़ता है। रोजेदार के लिए दो खुशियां हैं एक इफ्तार के वक्त और एक अल्लाह से मिलने के वक्त। रोजा रखने से बंदा अल्लाह का करीबी बन जाता है। सहरी करना पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत है लिहाजा सहरी जरूर करें।




इंजेक्शन लगवाने से रोजा नहीं टूटता : उलमा किराम

रमजान हेल्पलाइन नंबर पर शनिवार को सवाल ओ जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज, रोजा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा किराम ने कुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया।


1. सवाल : रोजे की हालत में अगर खांसते समय मुंह से खून या बलगम आ जाए तो क्या हुक्म है?

जवाब : अगर खून हल्क से नीचे नहीं उतरा तो रोजा नहीं टूटेगा।



2. सवाल : क्या इंजेक्शन लगवाने से रोजा टूट जाता है?

जवाब : नहीं, इंजेक्शन गोश्त में लगवाया जाए या नस में इससे रोजा नहीं टूटता।
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