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Gorakhpur Flood: गोरखपुर में घटने लगा नदियों का पानी, हटने लगी नाव
Sat, 24 Sep 2022 12:29 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 24 Sep 2022 12:29 PM IST
सार
अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील स्थानों पर सिंचाई एवं पुलिस विभाग के साथ उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त टीमें निगरानी कर रही हैं। जिला स्तरीय एवं तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय है। शुक्रवार को 684 परिवारों में राहत सामग्री के अलावा किट, तिरपाल, उपलब्ध कराया गया।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जनपद में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे आने लगा है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में लगाई गईं नावों की संख्या भी कम होने लगी है। हालांकि, बरहज में घाघरा नदी के खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बहने के कारण 46 गांव अब भी पानी से घिरे हुए हैं।
जनपद में बहने वाली अन्य नदियों में राप्ती गोरखपुर में खतरे के निशान से 60 सेमी नीचे बह रही है। रोहिन नदी तिनमुहानी घाट पर खतरे के निशान से एक मीटर से नीचे आ गई है। वहीं, गोर्रा नदी पिडरा घाट में खतरे के निशान से 40 सेमी नीचे बह रही है। आपदा विभाग से जारी आंकड़ों के मुताबिक 46 गांव अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इससे 23253 की आबादी पर असर पड़ा है। बाढ़ की जद में 4256 हेक्टेयर क्षेत्रफल है।
अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील स्थानों पर सिंचाई एवं पुलिस विभाग के साथ उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त टीमें निगरानी कर रही हैं। जिला स्तरीय एवं तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय है। शुक्रवार को 684 परिवारों में राहत सामग्री के अलावा किट, तिरपाल, उपलब्ध कराया गया।
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नदियों का जलस्तर घट रहा है। कहीं भी तटबंधों पर खतरा नही है। फिर भी सिंचाई विभाग के इंजीनियर बंधों की सतत निगरानी कर रहे हैं। - दिनेश सिंह अधीक्षण, अभियंता सिंचाई विभाग
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जनपद में बहने वाली अन्य नदियों में राप्ती गोरखपुर में खतरे के निशान से 60 सेमी नीचे बह रही है। रोहिन नदी तिनमुहानी घाट पर खतरे के निशान से एक मीटर से नीचे आ गई है। वहीं, गोर्रा नदी पिडरा घाट में खतरे के निशान से 40 सेमी नीचे बह रही है। आपदा विभाग से जारी आंकड़ों के मुताबिक 46 गांव अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इससे 23253 की आबादी पर असर पड़ा है। बाढ़ की जद में 4256 हेक्टेयर क्षेत्रफल है।
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अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील स्थानों पर सिंचाई एवं पुलिस विभाग के साथ उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त टीमें निगरानी कर रही हैं। जिला स्तरीय एवं तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय है। शुक्रवार को 684 परिवारों में राहत सामग्री के अलावा किट, तिरपाल, उपलब्ध कराया गया।
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नदियों का जलस्तर घट रहा है। कहीं भी तटबंधों पर खतरा नही है। फिर भी सिंचाई विभाग के इंजीनियर बंधों की सतत निगरानी कर रहे हैं। - दिनेश सिंह अधीक्षण, अभियंता सिंचाई विभाग