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खुशखबर: कपिलवस्तु में जल्द शुरू होगी हवाई सेवा, हरी झंडी मिलते ही उतरेगा हेलीकाप्टर
Tue, 20 Jul 2021 07:04 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 20 Jul 2021 07:04 PM IST
सार
स्वदेश दर्शन योजना के तहत हेलीपैड बनकर तैयार, शासन से हरी झंडी मिलते ही उतरेगा हेलीकाप्टर
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आने वाले समय में पर्यटन केंद्र कपिलवस्तु में हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। हेलीपैड बनकर तैयार हो चुका है। शासन से हरी झंडी मिलते ही हेलीकाप्टर उतरने लगेगा। इस सेवा के बाद से कपिलवस्तु में बौद्ध पर्यटकों की भी संख्या में इजाफा हो सकता है।
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जनपद बनने के 32 साल बाद भी जिला हवाई सेवा से वंचित है। जबकि यहां भगवान बुद्ध की स्थली कपिलवस्तु समेत महाभारत कालीन से जुड़ा भारतभारी स्थल, पल्टा देवी मंदिर, योगमाया, वटवासिनी देवी मंदिर, कटेश्वरनाथ मंदिर जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थल स्थित हैं।
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हवाई सेवा शुरू न होने से कपिलवस्तु में आने वाले बौद्ध पर्यटकों को सड़क से आना पड़ता है। सड़कों की दुर्दशा के कारण श्रीलंका, जापान, कोरिया, थाईलैंड जैसे देशों से पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम ही रहती है। ऐसे में हवाई सेवा शुरू हो जाएगी तो बौद्ध देशों से कपिलवस्तु स्थित मुख्य स्तूप पर मत्था टेकने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
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भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वदेश दर्शन योजना के तहत तैैयार कार्ययोजना में हवाई सेवा भी शामिल है। इस दिशा में कपिलवस्तु में हेलीपैड बनकर तैयार हो चुका है। योजना के मूर्त रूप लेते ही हवाई सेवा शुुरू हो जाएगी। लिहाजा हेलीकाप्टर उड़ान भरने के साथ उतर भी सकेगा।
निरस्त कर दी गई हवाई पट्टी योजना
कपिलवस्तु में बेहतर हवाई सेवा शुरू करने की गरज से 22 मई 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 123 करोड़ की लागत से परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इसमें हवाई पट्टी भी शामिल था।
मायावती के बाद प्रदेश में छह माह बाद सत्ता संभालने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने नेपाल से सटे होने के कारण असुरक्षा को देखते हुए हवाई पट्टी परियोजना को निरस्त कर दिया था। उसके बाद कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
जिला पर्यटन सूचना अधिकारी मो. मकबूल ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना में शामिल कार्य अंतिम चरण में है। योजना पूर्ण होने के साथ ही हवाई सेवा भी शुरू होने की उम्मीद है। इस दिशा में समय-समय पर शासन स्तर पर पत्र व्यवहार करते हुए अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जा रहा है।
मायावती के बाद प्रदेश में छह माह बाद सत्ता संभालने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने नेपाल से सटे होने के कारण असुरक्षा को देखते हुए हवाई पट्टी परियोजना को निरस्त कर दिया था। उसके बाद कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
जिला पर्यटन सूचना अधिकारी मो. मकबूल ने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना में शामिल कार्य अंतिम चरण में है। योजना पूर्ण होने के साथ ही हवाई सेवा भी शुरू होने की उम्मीद है। इस दिशा में समय-समय पर शासन स्तर पर पत्र व्यवहार करते हुए अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जा रहा है।