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Gorakhpur News: बारिश के बाद घट गया हवा का प्रदूषण
Sat, 21 Oct 2023 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 21 Oct 2023 02:01 AM IST
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– 16 अक्तूबर की रात हुई बारिश से एक्यूआई में आई कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर में हवा की गुणवत्ता तीन दिनों से संतोषजनक है। बीते दिनों हुई बारिश से वातावरण में फैले एयर पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) की सांद्रता कम हो गई है। शुक्रवार को एक्यूआई 97 दर्ज किया गया, जबकि पिछले रविवार को यह 162 था। पर्यावरणविदों का कहना है कि प्रदूषण फैलाने वाले कारक बारिश की बूंदों संग घुलकर जमीन पर आ जाते हैं।
मानसून सत्र के बाद तापमान में गिरावट आ गई थी। इससे एयर पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) का प्रसार धीमा हो गया। उनके वायुमंडल की ऊपरी सतह में नहीं जा पाने के कारण हवा प्रदूषित हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा असर निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल का होता है।
अन्य कारक भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। इस वजह से 14 अक्तूबर से एक्यूआई बढ़ने लगा था। 14 को 144 पीएम, 15 को 140 पीएम और 16 अक्तूबर को 162 पीएम पहुंच गया था। 16 अक्तूबर की रात में ही आंधी व बारिश से मौसम सुहाना हो गया। इसके बाद एक्यूआई घटकर 60 पहुंच गया था।
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तारीख एक्यूआई
17 अक्तूबर 60
18 अक्तूबर 64
19 अक्तूबर 88
20 अक्तूबर 97
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एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक
0-50 अच्छा
51-100 संतोषजनक
101-200 थोड़ा खराब
201-300 खराब
301-400 अत्यंत खराब
401-500 गंभीर
कोट
बरसात के बाद वातावरण में एयर पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) की सांद्रता कम हो जाती है। वातावरण की निचली सतह पर जमा एयर पाल्यूटेंट धुल जाते हैं। इससे हवा शुद्ध हो जाती है। जैसे ही इसका प्रभाव कम होगा। दोबारा हवा में प्रदूषण बढ़ने लगेगा।
- प्रो. गोविंद पांडेय, पर्यावरणविद
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गोरखपुर। शहर में हवा की गुणवत्ता तीन दिनों से संतोषजनक है। बीते दिनों हुई बारिश से वातावरण में फैले एयर पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) की सांद्रता कम हो गई है। शुक्रवार को एक्यूआई 97 दर्ज किया गया, जबकि पिछले रविवार को यह 162 था। पर्यावरणविदों का कहना है कि प्रदूषण फैलाने वाले कारक बारिश की बूंदों संग घुलकर जमीन पर आ जाते हैं।
मानसून सत्र के बाद तापमान में गिरावट आ गई थी। इससे एयर पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) का प्रसार धीमा हो गया। उनके वायुमंडल की ऊपरी सतह में नहीं जा पाने के कारण हवा प्रदूषित हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा असर निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल का होता है।
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अन्य कारक भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। इस वजह से 14 अक्तूबर से एक्यूआई बढ़ने लगा था। 14 को 144 पीएम, 15 को 140 पीएम और 16 अक्तूबर को 162 पीएम पहुंच गया था। 16 अक्तूबर की रात में ही आंधी व बारिश से मौसम सुहाना हो गया। इसके बाद एक्यूआई घटकर 60 पहुंच गया था।
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तारीख एक्यूआई
17 अक्तूबर 60
18 अक्तूबर 64
19 अक्तूबर 88
20 अक्तूबर 97
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एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक
0-50 अच्छा
51-100 संतोषजनक
101-200 थोड़ा खराब
201-300 खराब
301-400 अत्यंत खराब
401-500 गंभीर
कोट
बरसात के बाद वातावरण में एयर पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) की सांद्रता कम हो जाती है। वातावरण की निचली सतह पर जमा एयर पाल्यूटेंट धुल जाते हैं। इससे हवा शुद्ध हो जाती है। जैसे ही इसका प्रभाव कम होगा। दोबारा हवा में प्रदूषण बढ़ने लगेगा।
- प्रो. गोविंद पांडेय, पर्यावरणविद
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