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Gorakhpur Pollution: गोरखपुर में छिड़काव के बाद भी हवा जहरीली, सुबह की सैर बना रही बीमार
Thu, 16 Nov 2023 10:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Nov 2023 10:37 AM IST
सार
दिवाली की आतिशबाजी के बाद गोरखपुर शहर की हवा काफी खराब हो गई है। दिवाली के तीसरे दिन बुधवार को भी शहर एक्यूआई 180 दर्ज किया गया। मंगलवार को एक्यूआई 178 दर्ज किया गया था। जबकि दिवाली के दूसरे दिन सोमवार को सर्वाधिक 300 एक्यूआई दर्ज किया गया था।
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पैडलेगंज से रामगढ़ ताल रोड के पेड़ो पर पानी का छिड़काव करते नगर निगम के कर्मचारी
विस्तार
दिवाली के तीन दिन बाद भी शहर की हवा में सुधार नहीं हुआ है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 180 के करीब दर्ज किया गया है, जो यह बताने को काफी है कि प्रदूषण की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। निर्माण कार्य स्थलों पर लगातार पानी का छिड़काव भी हो रहा है, लेकिन राहत नहीं मिल रही। वहीं, प्रदूषण के चलते सुबह सुबह की सैर पर निकलने वालों की संख्या कम हो गई है। लोगों की आंख में जलन और गले में खराश की शिकायत बनी हुई है। डॉक्टराें की सलाह है कि जब हल्की धूप निकले तभी टहलने जाएं और मास्क जरूर लगाएं।
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दिवाली की आतिशबाजी के बाद शहर की हवा काफी खराब हो गई है। दिवाली के तीसरे दिन बुधवार को भी शहर एक्यूआई 180 दर्ज किया गया। मंगलवार को एक्यूआई 178 दर्ज किया गया था। जबकि दिवाली के दूसरे दिन सोमवार को सर्वाधिक 300 एक्यूआई दर्ज किया गया था। प्रदूषण के बढ़े स्तर से खासतौर से बुजुर्गों, बच्चों व फेफड़े के मरीजों के लिए मुश्किल बढ़ गई है। चिकित्सकों ने प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी है।
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दिवाली के दिन शहर में प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में था। दिवाली के दिन शहर में जमकर आतिशबाजी हुई। शाम सात बजे से शुरू हुआ आतिशबाजी का दौर भोर तक चला। पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं की वजह से शहर की आबोहवा तीन दिन बाद भी नहीं सुधरी। हालांकि इसके पीछे निर्माण कार्य व गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को भी कारण माना जा रहा है।
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प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देख नगर निगम भी सतर्क हो गया है। निर्माणाधीन सड़क के आसपास उड़ रही धुल पर नियंत्रण के लिए गाड़ियों से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। बुधवार को दोपहर में पैड़लेगंज-नौसड़ सिक्सलेन पर छिड़काव किया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही जब गाड़ियों की आवाजाही शुरू हुई तो धूल उड़ने लगी। फिर शाम छह बजे भी पानी का छिड़काव किया गया।
पिछले पांच दिन प्रदूषण की स्थिति
| 10 नवंबर | 121 |
| 11 नवंबर | 215 |
| 12 नवंबर | 62 |
| 13 नवंबर | 300 |
| 14 नवंबर | 178 |
| 15 नवंबर | 180 |
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प्रदूषण का हाल मॉर्निंग वाॅकरों की जुबानी
इन दिनों प्रदूषण बढ़ने से आंख में जलन एवं गले में खराश जैसी समस्या आ रही है। आज मॉस्क लगाकर टहलने गया था।-रमेश पांडेय।पिछले कई वर्षों से ह्वी पार्क में टहलने जाता हूं। दिवाली के बाद से प्रदूषण का स्तर बढ़ने से खासा दिक्कत महसूस हो रहा है। -वेद प्रकाश सिंह।
आमतौर पर प्रदूषण का स्तर सर्दियों में बढ़ जाता है, लेकिन इस बार प्रदूषण के चलते आंख में जलन और अन्य दिक्कत अधिक हो रही है। - डॉ. अंशुमान सिंह।
जबसे प्रदूषण का स्तर बढ़ा है, सुबह खास सतर्कता बरतता हूं। पहले बिना मॉस्क के ही चला जाता था, अब मॉस्क पहन कर निकलता हूं।-राम प्रकाश श्रीवास्तव।
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ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. पीएन जायसवाल ने कहा कि इन दिनों गले और नाक में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। पहले इस तरह के जहां चार से पांच केस आ रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 10 से अधिक हो गई है। प्रदूषण के चलते लोगों में एलर्जी की समस्या भी बढ़ी है।
ये उपाय करें
- प्रदूषण से बचने के लिए घर से निकलते समय माॅस्क पहनें।
- संभव हो तो शाम को बाजार जाने से बचें, क्योंकि उस वक्त प्रदूषण अधिक होता है।
- जिस इलाके में निर्माण कार्य चल रहा है और धूल अधिक है, उधर जाने से बचें।