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एम्स : अब ओपीडी पंजीकरण की वैधता छह महीने
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गोरखपुर। एम्स की ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों से पंजीकरण शुल्क के नाम पर कोई राशि नहीं ली जाएगी। साथ ही ओपीडी पर्चे की वैधता अवधि को बढ़ाकर छह महीने कर दिया गया है, जो पहले केवल तीन महीने थी। पूर्व में ओपीडी में पंजीकरण के लिए 20 और पर्चा शुल्क के तौर पर 10, कुल 30 रुपये लिए जाते थे।
पंजीकरण के बाद एक कार्ड मरीज को दिया जाता था, जिसमें उसका पूरा विवरण होता था। लेकिन बाद में पंजीकरण शुल्क तो लिया जाता रहा पर कार्ड देना बंद कर दिया गया। बुधवार को कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता को ओपीडी काउंटर पर मरीजों और स्टाफ के बीच विवाद की जानकारी मिली। जब उन्होंने पूछताछ की तो मरीज ने बताया कि पर्चा बनवाने के लिए 30 रुपये मांगे जा रहे हैं। इस पर डॉ. दत्ता ने तत्काल पंजीकरण शुल्क समाप्त करने और पर्चा वैधता छह महीने करने का निर्णय लिया। अब केवल 10 रुपये में पर्चा बनेगा, जो छह महीने तक मान्य रहेगा।
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पंजीकरण के बाद एक कार्ड मरीज को दिया जाता था, जिसमें उसका पूरा विवरण होता था। लेकिन बाद में पंजीकरण शुल्क तो लिया जाता रहा पर कार्ड देना बंद कर दिया गया। बुधवार को कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता को ओपीडी काउंटर पर मरीजों और स्टाफ के बीच विवाद की जानकारी मिली। जब उन्होंने पूछताछ की तो मरीज ने बताया कि पर्चा बनवाने के लिए 30 रुपये मांगे जा रहे हैं। इस पर डॉ. दत्ता ने तत्काल पंजीकरण शुल्क समाप्त करने और पर्चा वैधता छह महीने करने का निर्णय लिया। अब केवल 10 रुपये में पर्चा बनेगा, जो छह महीने तक मान्य रहेगा।
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