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गोरखपुर: एम्स दे रहा बच्चों के पोषण और गर्भवतियों के आहार की जानकारी, नहीं होगी महिलाओं को परेशानी

Thu, 18 Nov 2021 05:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 18 Nov 2021 05:25 PM IST
सार

एम्स प्रदेश के चार संस्थानों के स्वास्थ्यकर्मियों को कर रहा प्रशिक्षित, दो अलग-अलग बैच में 300 चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी हैं शामिल

 

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AIIMS giving information about nutrition of children and diet of pregnant women
AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  (एम्स) प्रदेश के चार चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य पोषण की जानकारी देने में जुटा हुआ है। इसके लिए दो अलग-अलग बैच में करीब 300 चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले बैच का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद दूसरे बैच का प्रशिक्षण 25 और 26 नवंबर को होगा।

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एम्स गोरखपुर के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. हरिशंकर जोशी ने बताया कि एम्स रायबरेली, एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा, एमएलबी मेडिकल कॉलेज झांसी और एमआर मेडिकल कॉलेज अंबेडकर नगर के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित देने का काम एम्स कर रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य मातृ एवं शिशु पोषण को बेहतर बनाना है।
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स्वास्थ्यकर्मियों को बताया जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद शिशु को मां का दूध पिलाया जाए और छह महीने तक शिशु को सिर्फ मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। छह माह तक पानी या अन्य कोई पेय पदार्थ या खाने की चीज बिल्कुल न दें। मां का दूध सुपाच्य होता है और इससे पेट की गड़बड़ियों की आशंका नहीं होती है। इससे मां-बच्चे के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है।
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छह महीने से दो साल की उम्र तक के बच्चे को मां के दूध के साथ-साथ घर का बना ऊपरी आहार भी देना है। उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि गर्भवती के आहार में हरी साग-सब्जियां, फल, दूध, पनीर, अंडा आदि शामिल होना चाहिए। आहार में कच्चे फल व सब्जियों के अलावा नट्स एवं सीड्स भी होने चाहिए।


ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज दिल्ली के सामुदायिक चिकित्सा विभाग से डॉ. अनिता गुप्ता, संजय गांधी मेमोरियल चिकित्सा संस्थान दिल्ली से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मुकेश यादव, एम्स गोरखपुर के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ महिमा मित्तल, डॉ मनीष कुमार, डॉ निशा, स्त्री और प्रसूति रोग डॉ प्रीति बाला, डॉ प्रीति प्रियदर्शिनी, डॉ प्रीति डिडवानिया, कम्युनिटी मेडिसिन से डॉ अनिल कोपकर, डॉ प्रदीप खरया और डॉ रमाशंकर रथ शमिल रहे।

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