फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur AIIMS: Doctor opens front against executive director

गोरखपुर एम्स: कार्यकारी निदेशक के खिलाफ डॉक्टर ने खोला मोर्चा- CM पोर्टल पर की शिकायत-थाने में भी दी तहरीर

Wed, 11 Sep 2024 10:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 11 Sep 2024 10:35 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur AIIMS: Doctor opens front against executive director
गोरखपुर एम्स - फोटो : अमर उजाला

एम्स के कार्यकारी निदेशक के पुत्र की नियुक्ति और फिर इस्तीफे का प्रकरण शांत नहीं हो रहा है। जनरल सर्जरी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. गौरव गुप्ता ने इस मामले में गलत ओबीसी प्रमाण पत्र से पुत्र का एडमिशन पीजी में कराने की शिकायत स्वास्थ्य मंत्रालय व सीएम पोर्टल पर की है। इसे लेकर एम्स थाने में भी तहरीर दी है। वहीं, कार्यकारी निदेशक ने डॉ. गुप्ता पर प्रमोशन नहीं मिलने के बाद जान बूझकर गलत आरोप लगाने की बात कही है।

विज्ञापन


एडिशनल प्रोफेसर डॉ. गौरव गुप्ता ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने गलत तरीके से नॉन क्रीमी लेयर का प्रमाण पत्र बनवाया है। वह स्वयं तीन से चार लाख रुपये मासिक वेतन पाते हैं। उनकी पत्नी जिपमर पुंडुचेरी में प्रोफेसर हैं। उनका भी वेतन तीन से चार लाख रुपये मासिक है।
विज्ञापन


ऐसे में वह नॉन क्रीमी लेयर की श्रेणी में कैसे हो सकते हैं। यह भी आरोप लगाया है कि पटना एम्स के निदेशक आवास के पते पर यह प्रमाण पत्र बनवाया गया है जो की गलत है, क्योंकि उनका स्थाई निवास उड़ीसा है। जिपमर पुंडुचेरी में मूलरूप से तैनात हैं। यह डोमिसाइल उड़ीसा या जिपमर से बनना चाहिए था। उनके बेटे के गलत प्रमाण पत्र के कारण माइक्रोबायोलॉजी में ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर की एक सीट खराब हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


नान क्रीमी लेयर के लिए रिजर्व थी सीट
डॉ. गौरव गुप्ता का कहना है कि निदेशक ने अपने बेटे का 30 अगस्त को एम्स के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में पीजी सीट पर एडमिशन कराया था। यह सीट ओबीसी श्रेणी में नॉन क्रीमी लेयर के लिए रिजर्व थी। विवाद की सुगबुगाहट होने पर तीन सितंबर को एडमिशन कैंसिल करा दिया।

नीट पीजी में अब काउसिलिंग नहीं होगी। ऐसे में यह सीट खराब हो गई। इससे ओबीसी कैटेगरी के किसी गरीब छात्र का हक मारा गया है। पहले भी गलत तथ्यों के आधार पर आराेप लगाए गए थे। हमने पहले ही स्पष्ट किया है कि बेटे ने अरुचि के चलते सीट छोड़ी है। आरक्षण में क्रीमी लेयर का कोई विवाद नहीं है।


कार्यकारी निदेशक डॉ जीके पाल ने बताया कि डॉ. गौरव गुप्ता और उनकी पत्नी पर कई गंभीर आरोप हैं। ये लोग प्रमोशन के लिए दबाव बना रहे हैं। ये आरोप इसीलिए लगाए जा रहे हैं, ताकि मैं इनके खिलाफ आई शिकायतों पर कार्रवाई न करूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed