फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   After Mumbai, four 3D projectors will also be installed in Gorakhpur's Nakshatrashala

Gorakhpur News: मुंबई के बाद गोरखपुर की नक्षत्रशाला में भी लगेंगे चार थ्रीडी प्रोजेक्टर

Tue, 13 Aug 2024 01:46 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2024 01:46 AM IST
विज्ञापन
After Mumbai, four 3D projectors will also be installed in Gorakhpur's Nakshatrashala
- जीडीए ने डीपीआर तैयार कर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग लखनऊ को भेजा
विज्ञापन

- नक्षत्रशाला में 47 करोड़ से आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मुंबई के बाद अब गोरखपुर के ही वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में 33 करोड़ की लागत से चार थ्रीडी प्रोजेक्टर लगाये जाएंगे। इसके अलावा हाल में ही सेंट्रल एसी लगाया जाएगा। इस पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उपकरण व मेंटेंनेंस के लिए करीब 47 करोड़ रुपये का यह प्रस्ताव जीडीए ने तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से इसकी मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।

पूर्वांचल के लोगों को ग्रह और तारों की दुनिया की जानकारी देने के लिए तारामंडल इलाके में वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का निर्माण कराया गया था। इस नक्षत्रशाला में लगे प्रोजेक्टर अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। जो प्रोजेक्टर काम कर रहे हैं, उससे साफ छवि नहीं दिखाई पड़ती। यहां दिखने वाले तारों की चमक फीकी पड़ गई है। कई बार तो शो के बंद होने की नौबत आ जा रही है। मशीनें भी जवाब देने लगी हैं। करीब दो सप्ताह पहले गोरखपुर दौरे पर आए उत्तर प्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव ने नक्षत्रशाला की स्थिति देख इसके जीर्णोद्धार का प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया। इस पर जीडीए ने 47.1 करोड़ का डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा है। इसमें करीब 33 करोड़ की लागत से नई जापानी थ्रीडी तकनीक के चार प्रोजेक्टर लगाए जाएंगे। ताकि यहां प्रदर्शित किए जाने वाले शो को और भी ज्यादा जीवंत रूप से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। लोग खगोलीय घटनाओं को बेहद नजदीक से अपने आस-पास होने के अनुभव को महसूस कर सकें। साथ ही लोगों में इसके प्रति जागरूकता और आकर्षण बढ़ सके। नक्षत्रशाला के थिएटर को भी नए सिरे से सजाया जाएगा। उसमें लगी सभी 300 कुर्सियां भी बदली जाएंगी। उसमें सेंट्रल एसी लगाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जीडीए के अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रमुख सचिव के निर्देश पर प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इसे प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा गया है।
विज्ञापन

---
18 साल पहले हुआ था इसका निर्माण

90 के दशक में रामगढ़ताल परियोजना के तहत नक्षत्रशाला की नींव पड़ी। तमाम दिक्कतों के बाद 2005 में इसका निर्माण पूरा हुआ। 2006 में इसका लोकार्पण हुआ और संचालन की जिम्मेदारी जीडीए को सौंपी गई। जब जीडीए इसे नहीं चला सका तो 2008 में यह कार्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद को सौंप दिया गया। परिषद की देखरेख में 2009 में नक्षत्रशाला एक बार फिर संचालित होने लगी। जब नक्षत्रशाला में शो की शुरुआत हुई तो समय के हिसाब से उसमें लगे सभी छह सीआरटी प्रोजेक्टर आधुनिकतम थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

----


छह वर्ष से चल रहा प्रोजेक्टर बदलने का प्रयास



नक्षत्रशाला प्रशासन ने प्रोजेक्टर बदलने को लेकर प्रस्ताव भेजने का सिलसिला 2018 से ही शुरू कर दिया था। नया प्रोजेक्टर लगने तक पुराना प्रोजेक्टर सुचारु रूप से काम करता रहे, इसके लिए जब नक्षत्रशाला प्रशासन ने एक कंपनी से संपर्क साधा तो कंपनी ने साफ कर दिया कि यदि मशीनें बदली नहीं गईं तो वह कभी भी काम करना बंद कर देंगी। प्रोजेक्टर को बदलकर नक्षत्रशाला को नया स्वरूप देने के लिए बीते छह वर्ष में नक्षत्रशाला प्रशासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है।
----
वर्जन...
नक्षत्रशाला को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए 47.1 करोड़ का डीपीआर तैयार कर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को भेजा गया है। इसमें केवल 33 करोड़ से चार थ्री डी प्रोजेक्टर लगाया जाएगा।
आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
-----------
नक्षत्रशाला में खेल-खेल में विज्ञान को करीब से जान सकेंगे छात्र
फोटो
- 15.62 करोड़ की लागत से बन रहा है सूबे का बन रहा दूसरा ज्ञान विज्ञान पार्क
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नक्षत्रशाला परिसर में ही सूबे का दूसरा ज्ञान-विज्ञान पार्क का निर्माण 15.62 करोड़ की लागत से हो रहा है। नक्षत्रशाला को आधुनिक बनाए जाने और पार्क का निर्माण भी पूरा होने पर बच्चे खेल-खेल में विज्ञान को करीब से जान सकेंगे।


नक्षत्रशाला के प्रति पहले से ही छात्रों का आकर्षण था लेकिन समय की मांग थी कि विज्ञान की आधुनिक तकनीक और हो रहे परिवर्तनों की जानकारी भी छात्रों को मिले। इसके लिए यहां ज्ञान विज्ञान पार्क का निर्माण हो रहा है। इस पार्क में लैंडस्केपिंग के जरिए सुंदर आकृतियों को भी उकेरा जाएगा। स्पेस साइंस गैलरी भी बनाई जाएगी। इसके माध्यम से विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आए बदलाव से छात्रों को अवगत कराया जाएगा। विज्ञान पार्क में छात्र को खेल-खेल में विज्ञान को करीब से जानने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed