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29 सालों बाद बन रहा है रक्षाबंधन पर विशेष संयोग
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गोरखपुर। भाई-बहन के अटूट प्रेम एवं विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार सावन के आखिरी सोमवार तीन अगस्त को पड़ रहा है। वहीं 29 सालों बाद बन रहे प्रीति, सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान योग इस बार के रक्षाबंधन को और खास बनाएंगे। इसके साथ ही बहनों को भी शुभ मुहूर्त के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत नहीं रहेगी। सुबह नौ बजकर 28 मिनट के बाद पूरे दिन राखी बांधने का मुहूर्त है।
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, रक्षाबंधन इस बार सावन के आखिरी सोमवार को है। इसके साथ ही, इस दिन विशेष प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। दिन की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग में होने से किसी भी समय बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी। यह खास संयोग करीब 29 साल बाद बन रहा है।
पंडित प्रियरंजन त्रिपाठी ने बताया कि कि शुभ ग्रहों और नक्षत्रों की मौजूदगी भाई-बहन के प्रेम को और मजबूत बनाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग की वजह से रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन, दोनों की मनोकामनाएं पूरी होंगी और उनके बीच प्रेम बढ़ेगा। आयुष्मान योग भाई की कलाई पर बंधने वाले रक्षासूत्र को और मजबूत बनाकर उसे दीर्घायु प्रदान करेगा। वहीं, सोमवार के दिन पूर्णिमा होने से भगवान शिव की कृपा भी बनी रहेगी। मकर राशि का स्वामी शनि और सूर्य आपस में समसप्तक योग बना रहे हैं, शनि और सूर्य दोनों ही आयु बढ़ाते हैं।
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शुभ मुहूर्त
- सुबह नौ बजकर 28 मिनट से रात नौ बजकर 57 मिनट के बीच कभी भी राखी बांधी जा सकती है।
- दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक चर, लाभ, अमृत योग।
- सुबह सात बजकर 18 मिनट से अगले दिन सूर्योदय तक सर्वार्थ सिद्धि योग।
- चंद्र का मकर राशि में प्रवेश के साथ ही प्रीति योग का निर्माण।
- सुबह 6.40 बजे के बाद ही शुरू हो जाएगा आयुष्मान योग।
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ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, रक्षाबंधन इस बार सावन के आखिरी सोमवार को है। इसके साथ ही, इस दिन विशेष प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। दिन की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग में होने से किसी भी समय बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी। यह खास संयोग करीब 29 साल बाद बन रहा है।
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पंडित प्रियरंजन त्रिपाठी ने बताया कि कि शुभ ग्रहों और नक्षत्रों की मौजूदगी भाई-बहन के प्रेम को और मजबूत बनाएगी। सर्वार्थ सिद्धि योग की वजह से रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन, दोनों की मनोकामनाएं पूरी होंगी और उनके बीच प्रेम बढ़ेगा। आयुष्मान योग भाई की कलाई पर बंधने वाले रक्षासूत्र को और मजबूत बनाकर उसे दीर्घायु प्रदान करेगा। वहीं, सोमवार के दिन पूर्णिमा होने से भगवान शिव की कृपा भी बनी रहेगी। मकर राशि का स्वामी शनि और सूर्य आपस में समसप्तक योग बना रहे हैं, शनि और सूर्य दोनों ही आयु बढ़ाते हैं।
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शुभ मुहूर्त
- सुबह नौ बजकर 28 मिनट से रात नौ बजकर 57 मिनट के बीच कभी भी राखी बांधी जा सकती है।
- दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक चर, लाभ, अमृत योग।
- सुबह सात बजकर 18 मिनट से अगले दिन सूर्योदय तक सर्वार्थ सिद्धि योग।
- चंद्र का मकर राशि में प्रवेश के साथ ही प्रीति योग का निर्माण।
- सुबह 6.40 बजे के बाद ही शुरू हो जाएगा आयुष्मान योग।