चुनाव 2022: पिपराइच विधानसभा में 25 वर्षों बाद खिला कमल, यहां कांग्रेस का रहा है एक छत्र राज
1991 के बाद भाजपा को 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत मिल सकी है। सपा व बसपा को एक-एक बार जीत मिली, जबकि 1993 से 2002 तक कांग्रेस का एक छत्र राज रहा है।
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गोरखपुर जिले के पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में 2017 के विधानसभा चुनाव में 25 वर्ष बाद कमल खिला। इससे पहले भाजपा ने यह सीट वर्ष 1991 में जीती थी। सपा और बसपा को इस सीट पर एक-एक बार कामयाबी मिली है। वहीं, 1993 से 2002 तक कांग्रेस का परचम लहराता रहा।
गोरखपुर की पिपराइच विधानसभा सीट ऐसी हैं, जहां सभी प्रमुख राजनीतिक दल के प्रत्याशियों को जीत मिली है। 1993 से 2002 के बीच कांग्रेस के टिकट पर जितेंद्र कुमार जायसवाल उर्फ पप्पू लगातार तीन बार विधायक रहे। हालांकि पिछले 20 वर्षों से कांग्रेस का समीकरण गड़बड़ाया हुआ है। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई थी। इस सीट से चुनाव मैदान में उतरे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से भी कम वोट मिले थे।
विधानसभा चुनाव 2017 (कुल मतदान 63.66 फीसदी)
| पार्टी | कुल मिले मत | फीसदी |
| भाजपा | 82,739 | 33.8 |
| बसपा | 69,930 | 28.56 |
| सपा-कांग्रेस (संयुक्त प्रत्याशी) | 51,031 | 20.85 |
12809 वोटों के अंतर से मिली थी जीत
चुनाव में 3,86,459 मतदाताओं को वोट डालना था, लेकिन 2,46,015 वोटर ही मतदान केंद्रों पर पहुंच सके। सर्वाधिक वोट भाजपा प्रत्याशी महेंद्र पाल सिंह को मिले थे। 12809 वोटों के अंतर से जीत मिली थी।
निर्दलीय अनीता को मिले खूब वोट
2017 में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र से 19 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अनीता जायसवाल को 31,073 वोट मिले थे, जो कुल मतदान फीसदी का 12.69 फीसदी था। 1204 मतदाताओं ने नन ऑफ द एबव (नोटा) दबाया था। इसके अलावा चुनाव लड़ने वाले ज्यादातर प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी।
विधानसभा चुनाव 2012
| पार्टी | कुल मिले मत | फीसदी |
| सपा | 86,976 | 43.5 |
| बसपा | 51,341 | 25.68 |
| भाजपा | 29,617 | 14.81 |
| सुभासपा | 5,948 | 2.97 |
| कांग्रेस | 4,449 | 2.23 |
सुभासपा: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी
अब तक विधायक चुने गए
- 2017: भाजपा के महेंद्र पाल सिंह।
- 2012: सपा की राजमति निषाद।
- 2007: बीएसपी के जमुना निषाद।
- 2002: कांग्रेस के जीतेंद्र कुमार जायसवाल।
- 1996: कांग्रेस के जीतेंद्र कुमार जायसवाल।
- 1993: कांग्रेस के जीतेंद्र कुमार जायसवाल।
- 1991: भाजपा के लल्लन प्रसाद त्रिपाठी।
- 1989: जनता दल के केदारनाथ सिंह।
- 1985: कांग्रेस के सैय्यद जावेद अली।
- 1980: इंडियन नेशनल कांग्रेस (यू) के केदारनाथ सिंह।
- 1977: जेएनपी के मधुकर दीघे।
- 1974: बीकेडी के मधुकर दीघे।
नेताओं ने क्या कहा
भाजपा की चुनावी तैयारी पूरी है। पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में ढेरों विकास कार्य कराए गए हैं। बूथ, शक्ति केंद्र व मंडल स्तरीय संगठन मजबूती से काम कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ जनता के बीच जा रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। - विश्वजितांशु सिंह आशु, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा
पिपराइच से समाजवादी पार्टी मजबूत प्रत्याशी उतारेगी। इसकी तैयारी कर ली गई है। संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देकर वोट मांग रहे हैं। भाजपा सरकार की नाकामियों से जनता नाराज है। इस बार बदलाव होगा। जनता भाजपा को चुनाव में पटखनी देने के लिए तैयार है। - अवधेश यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
बसपा इतिहास दोहराने को तैयार है। पिपराइच क्षेत्र में संगठन मजबूती से काम कर रहा है। बसपा सरकार का कामकाज जनता देख चुकी है। इस बार बहन कुमारी मायावती मुख्यमंत्री बनेंगी। पिपराइच विधानसभा क्षेत्र से बड़ी जीत मिलेगी। जल्द ही प्रत्याशी के नाम का एलान किया जाएगा। - संतोष कुमार जिज्ञासु, जिलाध्यक्ष, बसपा
कांग्रेस का संगठन हर ग्राम पंचायत व न्याय पंचायत में काम कर रहा है। पार्टी की प्रतिज्ञा की जानकारी हर मतदाता को दी जा रही है। महिला प्रत्याशियों को ज्यादा टिकट देने का फार्मूला इस बार रंग लाएगा। पिपराइच में बड़ी जीत मिलेगी। जल्द ही दमदार प्रत्याशी के नाम का एलान किया जाएगा। - अनिल सोनकर, महामंत्री, कांग्रेस