फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Affected people of Khorabar Township and Medicity scheme rejected the proposal of cheap plot

Gorakhpur News: जीडीए के प्रस्ताव पर सहमत नहीं, सीएम से करेंगे मुलाकात

Fri, 30 Jun 2023 10:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Updated Fri, 30 Jun 2023 10:54 AM IST
सार

जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि खोराबार टाउनशिप व मेडिसिटी योजना पर काम चल रहा हैं। लोगों ने उपाध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखा था। उनको मुआवजा लेने व परिसर में सस्ती दर पर जमीन उपलब्ध कराने का विकल्प सुझाया गया है। लेकिन इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

विज्ञापन
Affected people of Khorabar Township and Medicity scheme rejected the proposal of cheap plot
CM Yogi Adityanath - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 खोराबार टाउनशिप व मेडिसिटी योजना के प्रभावितों को जीडीए अधिकारियों का प्रस्ताव रास नहीं आ रहा है। बृहस्पतिवार को मंथन करने के बाद लोगों ने इसे खारिज कर दिया। उनका कहना है कि जीडीए की ओर से उनके मकानों के बदले भूखंड आवंटित करने पर 2000 रुपये प्रति स्क्वायर फीट दर से शुल्क देने के लिए कहा जा रहा है, जो हमे मंजूर नहीं है। लोग अब सीएम से मिलकर अपनी बात रखने की तैयारी में जुटे हैं।

विज्ञापन


जंगल सिकरी सैनिक नगर कॉलोनी व खोराबार के प्रभावितों ने बुधवार को विधायक विपिन सिंह के साथ जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर से मुलाकात की थी। सभी की बातें सुनकर उपाध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों ने मकान बना लिया है, वह मुआवजा लें।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना, गर्मी से मिली राहत
विज्ञापन
विज्ञापन


उनको परिसर में ही सस्ते दर पर भूखंड उपलब्ध करा दिए जाएंगे। परिसर में चार हजार रुपये प्रति स्क्वायर फीट जमीन की दर निर्धारित है। लेकिन प्रभावितों को रियायत दी जाएगी। वहीं प्रभावितों का कहना है कि हम लोगों ने जमीन खरीदकर मकान बनाए हैं। हमारे मकानों को अधिग्रहण से मुक्त करते हुए कार्रवाई की जाए।

जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि खोराबार टाउनशिप व मेडिसिटी योजना पर काम चल रहा हैं। लोगों ने उपाध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखा था। उनको मुआवजा लेने व परिसर में सस्ती दर पर जमीन उपलब्ध कराने का विकल्प सुझाया गया है। लेकिन इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed