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गोरखपुर में मिलावट का खेल:सेहत से खिलवाड़...खराब गेंहू-चावल से बना रहे सेवई, मसालों से नया पैक बना रहे धंधेबाज

Sat, 22 Mar 2025 01:09 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: रोहित सिंह Updated Sat, 22 Mar 2025 01:09 PM IST
सार

धंधेबाज खराब गेहूं और चावल को भी धड़ल्ले से खपा रहे हैं। व्यापारी अजीत ने बताया कि गेहूं में यदि घुन लग जाता है तो उसे कुछ धंधेबाज खरीद लेते हैं। इससे मैदा बनाकर दुकानों पर सप्लाई कर देते हैं। फास्ट फूड वाले दुकानदार इसका सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं। दुकानों से खराब चावल को सस्ते दाम में खरीदकर उससे सेवई बना दिया जाता है।

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Adulteration game in Gorakhpur, making vermicelli from wheat and rice, adulterating spices
दुकानों पर खुली नमकीन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

धंधेबाजों ने मुनाफे के लिए खाने-पीने की हर चीज को मिलावटी बना दिया है। मोटी कमाई के चक्कर में वे आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। बाजार में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री की डेट बदल कर या खुले में बेचकर धंधेबाज मोटी कमाई कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो ऐसा करके वे हर महीने करीब 100 करोड़ का माल बाजार में खपा ले रहे हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हाल ही में एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक की बड़ी खेप पकड़ी है। इसे डेट बदलकर बाजार में खपाने की तैयारी थी। हालांकि, इससे पहले ही धंधेबाजों ने काफी माल खपा दिया था।
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सूत्रों ने बताया कि धंधेबाज रोजाना करीब 50 हजार बोतलें जिलेभर में खपा रहे थे। लेजर मशीन से डेट बदलकर ज्यादातर माल छोटी दुकानों और ग्रामीण क्षेत्र में खपाया जा रहा था। हर महीने करीब आठ से 10 करोड़ का माल खप जा रहा था।
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इसी तरह एक्सपायर्ड नमकीन का धंधा शहर में चरम पर है। बड़े ब्रांड की नमकीन के पैकेट की एक्सपायरी बीतने के बाद कंपनी को वापस करने के बजाए धंधेबाज उसे खुले में बेच रहे हैं।

किराना व्यापारी दिनेश गुप्ता ने बताया कि एक्सपायर्ड नमकीन सबसे अधिक रेस्टोरेंट, चाट-फुल्की और मोमोज की दुकानों पर खपाई जा रही है। वहां पर अलग-अलग व्यंजनों में इसे मिलाकर क्रिस्पी बना देते हैं। इसे खुले में करके दुकानों से भी बेच दिया जाता है। खरीदने वाले को पता नहीं रहता कि कब बनी और एक्सपायरी डेट कब है। बताया कि करीब दो से ढाई करोड़ की नमकीन इस तरह करके खप जाती है।

खराब गेहूं-चावल से बना रहे सेवई
धंधेबाज खराब गेहूं और चावल को भी धड़ल्ले से खपा रहे हैं। व्यापारी अजीत ने बताया कि गेहूं में यदि घुन लग जाता है तो उसे कुछ धंधेबाज खरीद लेते हैं। इससे मैदा बनाकर दुकानों पर सप्लाई कर देते हैं। फास्ट फूड वाले दुकानदार इसका सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं।

दुकानों से खराब चावल को सस्ते दाम में खरीदकर उससे सेवई बना दिया जाता है। इस ईद में इसे बड़ी मात्रा में खपाने की तैयारी है। सूत्रों ने बताया कि खराब गेहूं और चावल से धंधेबाज हर महीने करीब 80 से 90 करोड़ तक मुनाफा कमाते हैं।


मसालों से बना रहे नया पैक
बड़े ब्रांड के मसालों के एक्सपायर होने के बाद धंधेबाज उसे खरीदकर नया बना रहे हैं। मसाला व्यापारी रंजीत ने बताया कि कुछ लोग एक्सपायर मसालों को खरीदकर आसपास की फैक्टरियों में दूसरे ब्रांड के नाम से पैक कर सस्ते में बेच रहे हैं। इसका धंधा तेजी से शहर में फैल रहा है। इसी वजह से आए दिन बाजार में नए-नए ब्रांड के मसाले देखने को मिल रहे हैं।
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