गोरखपुर में जाम से निपटने में जनता से सुझाव लेगी प्रशासन, एडीजी ने जारी किया आदेश
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गोरखपुर शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए जनता से सुझाव लिए जाएंगे। एडीजी ने इस संबंध में आदेश दिए हैं। जल्द ही व्हाट्सएप नंबर जारी होगा, जिस पर लोग सुझाव दे सकेंगे। एक हफ्ते में मिले सुझावों पर पुलिस काम करेगी। फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जीडीए, नगर निगम और अन्य विभागों से भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि समस्या जल्द दूर की जा सके।
एक मीटिंग से निकलने के बाद शुक्रवार को एडीजी अखिल कुमार भी जाम में फंस गए। शहर की इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जनता के सुझावों पर अन्य विभागों की मदद से पुलिस उस पर काम करेगी। सड़क पर जाम से निपटने में सिर्फ पुलिस की भूमिका नहीं है।
इसमें नगर निगम, जीडीए जैसे विभागों के सहयोग की जरूरत होती है। इस वजह से एडीजी ने सभी को साथ मिलकर काम करने को कहा है। एडीजी के मुताबिक, जनता बता सकती है कि किस रोड को वन वे किया जाए। कहां पर अतिक्रमण है। कहां पर पार्किंग होनी चाहिए या किस रोड को चौड़ा करने की जरूरत है। इन पर आए सुझावों के बाद पुलिस अन्य विभागों की मदद से आगे की कार्रवाई करेगी।
सुझावों पर होगा मंथन, फिर कार्रवाई
एडीजी के मुताबिक, व्हाट्सएप पर आने वाले सुझाव को रोजाना सार्वजनिक किया जाएगा। फिर हफ्ते बाद सुझावों पर वर्कशॉप होगी। जिसका प्रतिनिधित्व शहर के प्रतिष्ठित लोग करेंगे। जनता की बातों पर मंथन होगा और उसमें क्या कैसे किया जाएगा, इसका हल सामने आएगा। फिर उसी हिसाब से पुलिस अन्य विभागों से सहयोग लेकर कार्रवाई करेगी।
रोजाना लगता है जाम, अतिक्रमण और बेपरवाही मुख्य वजह
शहर में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता है जब जाम नहीं लगता। देवरिया बाईपास से लेकर नौसड़ तक हाईवे पर जाम लगता है। इसी तरह काली मंदिर रोड, गोलघर में भी जाम लगता है। इन सब जाम के पीछे बड़ी वजह अतिक्रमण, सड़कों पर खड़ी गाड़ियां और पुलिस की बेपरवाही ही होती है।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि शहर में जाम एक प्रमुख समस्या है। इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। जनता से सीधे सुझाव मांगा जाएगा और फिर उस पर मंथन कर आगे की कार्रवाई होगी। कोशिश है कि जाम से मुक्ति का कोई स्थायी हल निकल सके।