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गोरखपुर विश्वविद्यालय: अब सोशल मीडिया पर डीडीयू से जुड़ी पोस्ट की तो होगी कार्रवाई, जारी हुआ आदेश

Mon, 09 Aug 2021 10:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 09 Aug 2021 10:37 AM IST
सार

कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव ने जारी किया आदेश। मामला आने पर गठित होगी कमेटी।

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Action will be taken on employees post related to Gorakhpur university on social media
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी बिना विश्वविद्यालय की अनुमति के विश्वविद्यालय के बारे में व्यक्तिगत विचार सोशल मीडिया पर रखते हैं तो उनकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। कोई भी पोस्ट या खबर विश्वविद्यालय के मीडिया सेल के माध्यम से ही भेजनी होगी। ऐसा न करने पर अनुशासनहीनता मानी जाएगी। साथ ही पोस्ट की जांच और कार्रवाई के लिए अनुशासन समिति गठित की जाएगी और नियमानुसार संबंधित के खिलाफ एक्शन भी होगा।
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कुलपति प्रो. राजेश सिंह के निर्देश पर कुलसचिव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी अक्सर विश्वविद्यालय के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देते हैं। जो अक्सर तथ्यहीन होते हैं। ऐसे विचार विश्वविद्यालय एवं अधिकारियों की गरिमा को धूमिल कर रहे हैं।
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विश्वविद्यालय ने इस बात को अत्यंत गंभीरता से लिया है और सभी शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सूचित किया है कि कोई भी तथ्य मीडिया या सोशल मीडिया में जाना है और वह विश्वविद्यालय से संबंधित है तो ऐसे तथ्यों/समाचारों को मीडिया प्रकोष्ठ में प्रस्तुत किया जाय।
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विश्वविद्यालय के मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा इस प्रकार के समाचार को मीडिया व सोशल मीडिया में भेजा जा सकता है। यदि कोई भी विश्वविद्यालय का व्यक्ति इसका उल्लंघन करता पाया गया तो उस व्यक्ति के खिलाफ तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय परिनियम में उपलब्ध प्रावधानों के तहत अनुशासनिक समिति गठित की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार के कंडक्ट रूल 1956 का भी संदर्भ लिया जाएगा।


कुलसचिव ने कहा है कि विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष अधिकारीगण एवं सभी अनुभागों के प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि कोई ऐसा बयान दे रहे हैं तो तत्काल प्रभाव से उन्हें सूचित करें। यदि उनको लगता है कि उनका समाचार मीडिया व सोशल मीडिया में जाने लायक है तो इसे विश्वविद्यालय के मीडिया प्रकोष्ठ के माध्यम से भेजा जाए।
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