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Gorakhpur News: एम्स के सहायक प्रोफेसर डॉ. बृजनंदन गुप्ता निलंबित
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- अनुशासनिक आधार पर हुई कार्रवाई, प्रशासनिक ईमेल का जवाब नहीं देने की भी चर्चा
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर में पैथोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. बृजनंदन गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। संस्थान प्रशासन ने यह कार्रवाई अनुशासनिक आधार पर की है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन की ओर से भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं देना भी कार्रवाई की वजह बताई जा रही है। हालांकि, निलंबन के विस्तृत कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
डॉ. गुप्ता संस्थान में प्रशासनिक अधिकारी का प्रभार भी संभाल चुके हैं। नवंबर 2022 में एम्स में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किए जाने के बाद उन्होंने ईमेल के माध्यम से प्रशासन से कई सवाल पूछे थे। संस्थान की उपस्थिति व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों को लेकर उनके सवाल उस समय चर्चा में रहे थे। इधर, एम्स की दो महिला अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच भी केंद्रीय विजिलेंस टीम कर रही है। इन शिकायतों से जुड़े आरोपों और संबंधित अधिकारियों के पक्ष की जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एम्स की कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि डॉ. गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है। डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि केंद्रीय विजिलेंस टीम का संस्थान में आना नियमित निरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है। टीम समय-समय पर एम्स में चल रहे कार्यों, लंबित फाइलों और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा करती है। निरीक्षण के बाद संबंधित जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को दी जाती है।
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गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर में पैथोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. बृजनंदन गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। संस्थान प्रशासन ने यह कार्रवाई अनुशासनिक आधार पर की है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन की ओर से भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं देना भी कार्रवाई की वजह बताई जा रही है। हालांकि, निलंबन के विस्तृत कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
डॉ. गुप्ता संस्थान में प्रशासनिक अधिकारी का प्रभार भी संभाल चुके हैं। नवंबर 2022 में एम्स में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किए जाने के बाद उन्होंने ईमेल के माध्यम से प्रशासन से कई सवाल पूछे थे। संस्थान की उपस्थिति व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों को लेकर उनके सवाल उस समय चर्चा में रहे थे। इधर, एम्स की दो महिला अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच भी केंद्रीय विजिलेंस टीम कर रही है। इन शिकायतों से जुड़े आरोपों और संबंधित अधिकारियों के पक्ष की जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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एम्स की कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि डॉ. गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है। डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि केंद्रीय विजिलेंस टीम का संस्थान में आना नियमित निरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है। टीम समय-समय पर एम्स में चल रहे कार्यों, लंबित फाइलों और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा करती है। निरीक्षण के बाद संबंधित जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को दी जाती है।
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