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Gorakhpur News: वसूली के आरोप में ट्रैफिक हेड कांस्टेबल निलंबित
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गोरखपुर। नौसड़ चौराहे पर बीते 28 अप्रैल को डीसीएम चालक से वसूली और दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने संबंधित ट्रैफिक हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
रायपुर से पपीता लादकर गोरखपुर मंडी आ रहे डीसीएम चालक धर्मेंद्र पाल ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए थे। चालक का कहना था कि मंगलवार सुबह नौसड़ चौराहे पर उसे रोककर पहले नो एंट्री में 20 हजार रुपये के चालान की बात कही गई, फिर तीन हजार रुपये देने पर मामला खत्म करने का प्रस्ताव दिया गया।
चालक ने आरोप लगाया था कि रुपये न देने पर उसे धमकाया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने बताया कि वाहन में लदा माल समय पर मंडी नहीं पहुंचता तो सड़ने का खतरा था, इसके बावजूद उसे रोके रखा गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि चालक हाथ जोड़कर पुलिसकर्मी से जाने देने की गुहार लगा रहा है, जबकि आरोपी पुलिसकर्मी चाय की दुकान पर बैठकर तंबाकू रगड़ते हुए चालान काटता नजर आ रहा है।
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इस दौरान चालक बार-बार अपनी मजबूरी बताता रहा, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। मामले के तूल पकड़ने के बाद एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर पाए जाने पर ट्रैफिक हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच में सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल की जाएगी।
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रायपुर से पपीता लादकर गोरखपुर मंडी आ रहे डीसीएम चालक धर्मेंद्र पाल ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए थे। चालक का कहना था कि मंगलवार सुबह नौसड़ चौराहे पर उसे रोककर पहले नो एंट्री में 20 हजार रुपये के चालान की बात कही गई, फिर तीन हजार रुपये देने पर मामला खत्म करने का प्रस्ताव दिया गया।
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चालक ने आरोप लगाया था कि रुपये न देने पर उसे धमकाया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने बताया कि वाहन में लदा माल समय पर मंडी नहीं पहुंचता तो सड़ने का खतरा था, इसके बावजूद उसे रोके रखा गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि चालक हाथ जोड़कर पुलिसकर्मी से जाने देने की गुहार लगा रहा है, जबकि आरोपी पुलिसकर्मी चाय की दुकान पर बैठकर तंबाकू रगड़ते हुए चालान काटता नजर आ रहा है।
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इस दौरान चालक बार-बार अपनी मजबूरी बताता रहा, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। मामले के तूल पकड़ने के बाद एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर पाए जाने पर ट्रैफिक हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच में सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल की जाएगी।