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Gorakhpur News: फर्जी ट्रांसपोर्ट लाइसेंस के नाम पर दो करोड़ की ठगी, 15 पर प्राथमिकी

Sat, 10 Oct 2026 03:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sat, 10 Oct 2026 03:07 AM IST
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Accused of embezzling money by pretending to be a partner in coal transportation
गुलरिहा। ट्रक ट्रांसपोर्ट लाइसेंस दिलाने और कोयला ढुलाई के कारोबार में पार्टनर बनाने का झांसा देकर 2.01 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप लगा है। गगहा थाना क्षेत्र के हड़ाहाबार निवासी संजय मौर्य के मौसेरे भाई पर फर्जी दस्तावेज और निरस्त जीएसटी नंबर वाले लेटरहेड के जरिये भरोसा जीतकर रकम हड़पने का आरोप है। बाद में सरकारी नियम बदलने का हवाला देकर उसके चचेरे भाई से भी करीब 1.47 करोड़ रुपये ले लिए गए। सीओ गोरखनाथ के आदेश पर गुलरिहा पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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संजय ने तहरीर में बताया कि वह हैदराबाद में काम करते हैं। मार्च 2025 में उनकी चचेरी मौसी चंद्रकला का बेटा संजीत मौर्य निवासी तारखोप बसही, बेलघाट ब्रेन ट्यूमर के इलाज के लिए मां के साथ हैदराबाद आया था और उनके यहां रुका था। बाद में संजय के हाफिजनगर स्थित मौसी के घर आने पर संजीत ने सात ट्रक होने की बात कही। इनमें चार चेन्नई के एन्नोर थर्मल पावर प्लांट और तीन बालू-गिट्टी ढुलाई में लगे होने का दावा किया।
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संजय का आरोप है कि संजीत ने प्रति ट्रक 2.65 लाख रुपये भुगतान मिलने का लालच देकर दो ट्रक लगवाने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि लोन, गारंटी, माइनिंग ग्रांट और ट्रांसपोर्ट लाइसेंस के नाम पर पहले 51 हजार रुपये एडवांस और फिर छह अगस्त 2025 तक अलग-अलग तारीखों में करीब 3.38 लाख रुपये व पांच लाख रुपये नकद लिए गए। लाइसेंस नहीं मिलने पर भी संजीत के सहयोगी नव्या विश्वकर्मा, अभिषेक यादव, संजय कुमार, विशाल यादव, अरुण यादव, आकाश यादव और अनुभव यादव जांच आदि के नाम पर कमरे लेकर रुकते और उनका खर्च संजय से कराते थे।
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आरोप है कि संजीत के चाचा रणजीत, मां चंद्रकला, दादा राधेश्याम और राजकुमार भी कारोबार व लाइसेंस की प्रक्रिया बताकर भरोसा दिलाते रहे। संजीत ने संजीत कंस्ट्रक्शन और मेसर्स संजीत ट्रेडर्स के नाम से लेटर दिए जिन पर दर्ज जीएसटी नंबर वर्ष 2023 में ही निरस्त हो चुके थे। बाद में लाइसेंस की लागत 15 लाख से बढ़ाकर 45 लाख रुपये होने की बात कहकर रकम ट्रांसफर कराई गई।
पुलिस ने आरोपी संजीत मौर्य, अजीत मौर्य, चंद्रकला, रणजीत मौर्य, कंचन मौर्य, राधेश्याम, राजकुमार मौर्य, गोपाल मौर्य, नव्या विश्वकर्मा, अभिषेक यादव, संजय कुमार, विशाल यादव, अरुण यादव, आकाश यादव और अनुभव यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

चचेरे भाई से भी लिए 1.47 करोड़
तहरीर के अनुसार अक्तूबर 2025 में संजीत ने सह-पार्टनर की जरूरत बताकर संजय के चचेरे भाई अजय मौर्य से संपर्क किया। आरोप है कि अजय से खाते में एक करोड़ 21 लाख 85 हजार, 20 लाख रुपये नकद और होटल, हवाई टिकट व घूमने के नाम पर करीब 5.86 लाख रुपये लिए गए। संजय का आरोप है कि फर्जी अधिकारी बनकर ई-मेल और माइक्रोसॉफ्ट टीम चैट के जरिये भी भरोसा दिलाया गया। रुपये मांगने पर फोन उठाना बंद कर दिया और घर पहुंचने पर गाली-गलौज कर धमकी दी गई।
बोले अधिकारी
पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
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