आरोपी रोहन का चौंकाने वाला कबूलनामा: 'नवरात्र के समय अजीब हो जाती हैं हरकतें, पहले भी कर चुका हूं ऐसी वारदात'
पुलिस ने आरोपी के पास से हमले में इस्तेमाल गंडासा बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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सेवानिवृत डॉक्टर एके सिंह के घर में दिनदहाड़े घुसकर पत्नी और बेटे पर जानलेवा हमला करने के आरोपी रोहन सोनकर को शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रोहन ने पुलिस को बताया कि डॉक्टर की पत्नी उसे बार-बार नौकर-नौकर कहकर बुलाती थीं। नौकरी से भी हटा दिया। इधर, वह कई बार नौकरी मांगने गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। तब उसने उन्हें जान से मारने की साजिश रची। आरोपी रोहन ने पुलिस को जब यह बताया कि नवरात्र के समय उसकी हरकतें अजीब हो जाती हैं, तो पुलिस भी हैरान हो गई। रोहन ने बताया कि इससे पहले भी नवरात्र के समय कई लोगों से उसकी मारपीट हो चुकी है। हालांकि पुलिस इसे सजा से बचने की तिकड़म मान रही है।
पुलिस ने उसके पास से हमले में इस्तेमाल गंडासा बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि संतकबीरनगर से सरकारी सेवा से रिटायर्ड डॉ. अवधेश कुमार सिंह हुमायूंपुर उत्तरी स्थित घर पर समाधान क्लीनिक चलाते हैं। डॉक्टर की क्लीनिक पर वर्ष 2014 से 2016 तक सूर्यकुंड सिधारीपुर निवासी 23 वर्षीय रोहन काम करता था। रोहन के हाथ में अस्पताल की पूरी कमान थी।
रोहन का कहना है कि उसे डॉक्टर की पत्नी कुसुम सिंह पसंद नहीं करती थीं। वह बार-बार उसे नौकर कहती थीं। उसे नौकरी से भी निकलवा दिया। कई दिन से वह डॉक्टर के घर नौकरी मांगने जा रहा था। जब बात नहीं बनी तो रोहन ने शुक्रवार को डॉक्टर की पत्नी कुसुम सिंह को जान से मारने की साजिश रची। रोहन को पता था कि घर पर कुसुम सिंह अकेले रहती हैं, दिन के समय डॉक्टर शहर में निकलते हैं। वह नारियल काटने वाला गंडासा लेकर डॉक्टर के घर पहुंचा।
वहां उसे डॉक्टर की पत्नी कुसुम सिंह मिलीं, उन्हें प्रसाद देकर रोहन ने पूछा कि घर पर आप अकेली हैं। डॉक्टर की पत्नी ने जैसे ही हां बोला, रोहन ने तुरंत उनकी गर्दन पर गंडासे से हमला कर दिया। तभी दो दिन पहले आया डॉक्टर का बेटा प्रियांश शोर सुनकर बगल के कमरे से वहां पहुंचा। प्रियांश और रोहन के बीच हाथा-पाई भी हुई। डॉक्टर की पत्नी कुसुम सिंह और प्रियांश को घायल कर रोहन फरार हो गया।
कंपाउंडर कहकर लोग बुलाते थे
रोहन ने मारवाड़ इंटर कॉलेज में कक्षा 11 तक की पढ़ाई की है। वह डॉक्टर की क्लीनिक का सारा कार्य संभालता था। पुल के आस-पास रहने वाले लोग उसे कंपाउंडर कहकर बुलाते थे। नौकरी से निकाले जाने के बाद वह नासिक, हैदराबाद, कर्नाटक में नौकरी करने गया। वहां पेंट पॉलिश करने में उसको वह इज्जत नहीं मिली, जो डॉक्टर के क्लीनिक पर मिलती थी। इसलिए वह दोबारा डॉक्टर के घर नौकरी करना चाह रहा था।
डॉक्टर के परिवार के जेहन में बैठा डर
डॉक्टर एके सिंह के घर में घुसकर शुक्रवार को पुराने नौकर ने पत्नी और बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया। इस वारदात के 24 घंटे के अंदर शनिवार को आरोपी नौकर रोहन भी पकड़ा गया, लेकिन इस हमले के बाद डॉक्टर के परिवार के जेहन में डर बैठ गया है।
हमले का शिकार डॉक्टर की पत्नी मंजर याद कर सहम जा रहीं
एक तरफ पत्नी कुसुम सिंह रोहन द्वारा किए गए गंडासे से हमले को याद कर वह सहम जा रही हैं। दूसरी तरफ इकलौता बेटा प्रियांश इस हाल में माता-पिता को छोड़कर बाहर कैसे पढ़ाई करने जाए, यह सवाल उसे परेशान कर रहा है।
सुरक्षा घेरा बना रहे डॉक्टर
सेवानिवृत डॉ. एके सिंह भी घर के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बना रहे हैं। हुमायूंपुर उत्तरी स्थित घर के द्वितीय तल पर डॉक्टर परिवार के साथ रहते हैं। घर के निचले हिस्से में समाधान क्लीनिक चलाते हैं। डॉक्टर ने बताया कि वर्तमान में किसी भी अंजान व्यक्ति को गेट के बाहर ही रोक लिया जा रहा है। घर के अंदर केवल रिश्तेदार या खास दोस्तों को प्रवेश दिया जा रहा है।