यूपी: गोरखपुर में मुनीम ने नहीं हड़पी थी रकम, लूटे गए थे 32 लाख रुपये, ऐसे हुआ खुलासा
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गोरखपुर में रामगढ़ ताल इलाके के आजाद चौक के पास मुनीम से 32 लाख रुपये की लूट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मुठभेड़ में आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पहले घटना को संदिग्ध माना जा रहा था, क्योंकि मुनीम ने पुलिस को सूचना नहीं दी थी। साथ ही मुनीम पर रुपये हड़पने का भी आरोप लगा था।
अब बदमाशों के पकड़ में आने के बाद साफ हो गया है कि मुनीम ने रुपये हड़पे नहीं थे, बल्कि उनके साथ लूट हुई थी। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में बीते 31 दिसंबर को चिलुआताल इलाके में मानीराम क्रॉसिंग के पास नौतनवां के सराफा को गोली मारने की बात भी कबूल की है।
बताया है कि लूट की नीयत से ही गए थे, लेकिन व्यापारी उलझ गया, इस वजह से उसे गोली मार दी। पुलिस फरार दो आरोपितों की तलाश में जुटी है। उधर, डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का इनाम दिया है।
पुलिस लाइंस में डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। डीआईजी ने बताया कि 9 जनवरी की रात में सरिया व्यापारी मनीष तुलस्यान के मुनीम रामगढ़ताल के आजादनगर निवासी उपेंद्र मिश्रा से 32 लाख रुपये की लूट हुई थी।
पहले से ही हो गई थी जानकारी
मुनीम के पास रुपये होने की जानकारी मनीष के चालक आकाश गुप्ता ने बदमाशों को दी थी। गोरखपुर से जाते समय मनीष साहनी नाम का एक बदमाश बस में गोंडा तक मुनीम के साथ गया। अयोध्या में दूसरा सर्वेश नाम का बदमाश बस में सवार हो गया था। पीछे अन्य बदमाश कार में सवार थे और आजाद चौक चौकी के पास बस से उतरते ही रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। लूट की रकम को बदमाशों ने बांट लिया था।
उधर, मुनीम ने पुलिस को सूचना नहीं दी और व्यापारी को अपनी जमीन रजिस्ट्री कर दी। इसके बाद पुलिस में मामला आया और टीम को लगाया गया था, जिसके बाद घटना का पर्दाफाश हो सका है। पुलिस ने इस मामले में आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया और पूछताछ की तो पता चला कि 31 दिसंबर को चिलुआताल इलाके में भी इन लोगों ने ही वारदात की थी।
डीआईजी ने बताया कि नौतनवां सरोजनीनगर निवासी 25 वर्षीय प्रशांत जायसवाल अपने बड़े भाई विपिन जायसवाल के साथ गोरखपुर आए थे। लौटते समय मानीराम रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे थे कि दो बाइक से चार बदमाशों ने लूट के इरादे से दोनों भाइयों को क्रॉसिंग पर घेर लिया था। असफल होने पर प्रशांत को गोली मार दी थी। घटना के 13 दिन बाद लखनऊ में इलाज के दौरान प्रशांत की मौत हो गई थी। सर्विलांस की मदद से खोजबीन करने पर बदमाशों के बारे में जानकारी मिली।
इनकी हुई है गिरफ्तारी
चिलुआताल के मोहरीपुर निवासी मनोज चौहान, आकाश गुप्ता, मनोज साहनी, गीडा के देईपार निवासी सर्वेश शर्मा, चिलुआताल के नकहा नंबर एक निवासी मनोज साहनी, मोहरीपुर निवासी सुनील चौहान, गोरखनाथ इलाके के पचपेड़वा निवासी सन्नी चौहान और बेलघाट के सडौली निवासी विकास पाठक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
32 लाख की लूट में दस बदमाश शामिल थे
रामगढ़ ताल इलाके में 32 लाख रुपये की लूट में दस बदमाश शामिल थे, जिसमें से पुलिस ने आठ को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चिलुआताल की घटना को चार बदमाशों ने अंजाम दिया था। चिलुआताल की वारदात में मनोज चौहान, मनोज साहनी, मनोज साहनी, विकास पाठक शामिल थे।
लूट की रकम से खरीदी ऑटो और पल्सर
बदमाशों ने लूट की रकम को आपस में बांट लिया था। वही व्यापारी के चालक आकाश गुप्ता ने लूट की रकम से एक नया ऑटो और पल्सर बाइक खरीदी। फिर 70 हजार रुपये से अपनी पुरानी कार की मरम्मत कराई। पुलिस ने ऑटो, पल्सर बरामद करने के साथ ही मरम्मत की रसीद को भी सबूत के तौर पर हासिल कर लिया है, ताकि बदमाशों को सजा दिलाई जा सके।
गैंगस्टर के तहत होगी कार्रवाई, खोली जाएगी हिस्ट्रीशीट
बदमाशों के गैंग को पंजीकृत किया जाएगा। इसमें से कई ऐसे भी हैं, जो इसके पहले जेल नहीं गए हैं। साथ ही सभी की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी ताकि इनकी निगरानी की जा सके। डीआईजी ने बताया कि अभी दो बदमाश फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस टीम लगाई गई हैं।
तीन सीओ की अगुवाई में क्राइम ब्रांच की रही अहम भूमिका
बदमाशों को दबोच कर घटना के पर्दाफाश करने में सीओ कोतवाली वीपी सिंह, सीओ क्राइम रत्नेश सिंह, सीओ कैंट सुमित शुक्ला की अगुवाई में क्राइम ब्रांच की टीम की अहम भूमिका रही। चिलुआताल इंस्पेक्टर नीरज राय, पीपीगंज थानेदार सत्य प्रकाश सिंह के साथ ही क्राइम ब्रांच के सुशील कुमार शुक्ला, सादिक परवेज, विपेंद्र मल्ल, शशिकांत राय, राजमंगल सिंह, योगेश सिंह, सनातन सिंह, मोहसिन खां, कुतुबुदीन आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
व्यापारी बोले मिला न्याय, एसएसपी ने की थी पहल
घटना को पुलिस पूरी तरह से फर्जी मान रही थी मगर डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने इसके पर्दाफाश को टीम लगाई। इसी वजह से रामगढ़ ताल पुलिस को नहीं लगाया गया, बल्कि दूसरे थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रविवार को पर्दाफाश होने के बाद वहां पर पहुंचे व्यापारी मनीष तुलस्यान, रमेश गुप्ता आदि ने पुलिस के प्रति आभार जताया। बोला कि एसएसपी ने पहल की, जिस वजह से पुलिस ने मेहनत कर पर्दाफाश किया। इससे व्यापारियों में सुरक्षा का भाव आया है।
लूट, हत्या की कोशिश में पहले भी जेल जा चुके है तीन बदमाश
पकड़े गए बदमाशों में से मनोज चौहान पर लूट के दो, हत्या की कोशिश का एक और आर्म्स एक्ट का एक केस दर्ज है। मनोज साहनी पर लूट के दो और हत्या की कोशिश का एक तो सुनील चौहान पर लूट के दो और हत्या की कोशिश का एक केस पहले से दर्ज हैं। यह सब पहले भी जेल जा चुके हैं। मनोज साहनी भी गोरखनाथ इलाके में लूट के मामले में जेल गया था।
यह हुआ बरामद
एक ऑटो, एक पल्सर बाइक, एक कार, 1.42 लाख रुपये नगद, एक अपाची बाइक, तमंचा कारतूस, पिस्टल 32 बोर का बरामद किया गया है।