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Gorakhpur News: शेर भरत और शेरनी गौरी के बाड़े में लगा एसी
Wed, 29 May 2024 05:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 29 May 2024 05:03 AM IST
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- भीषण गर्मी में परेशान हो रहे थे दोनों वन्यजीव
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में इटावा से आए शेर भरत और शेरनी गौरी के बाड़े में चिड़ियाघर प्रशासन ने एसी लगवाया है। गर्मी की वजह से दोनों वन्यजीव दोपहर में हांफने लग रहे थे। एसी लगने के बाद इनको काफी राहत मिली।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव संजय श्रीवास्तव के निर्देश पर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अनुमति के बाद बब्बर शेर और शेरनी को 24 मई को चिड़ियाघर गोरखपुर लाया गया। इटावा से लाने के बाद दोनों वन्यजीवों को क्वारेंटाइन सेल में रखा गया। अब इनको बाड़े में रख दिया गया है।
चिड़ियाघर के मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डाॅ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि बब्बर शेरों के लिए गोरखपुर का मौसम थोड़ा नया है। यहां उमस ज्यादा है। पटौदी बीते तीन वर्ष से यहां पर हैं। इसलिए वह यहां के मौसम के अनुरूप ढल चुका है। गर्मी के समय उसके बाड़े में दो कूलर लगाने के बाद उसे गर्मी से राहत मिल जाती है, लेकिन यह दोनों अभी बाहर से आए हैं। यहां के मौसम में ढलने में इन्हें समय लगेगा।
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क्वारेंटाइन सेल से बाड़े में ले जाने के बाद दोनों दोपहर के समय हांफने लगे। रात में भी यहां गर्मी बहुत ज्यादा है। एहतिहात के तौर पर इनके बाड़े में एसी लगवाया गया है। इससे उनको काफी राहत मिल रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में इटावा से आए शेर भरत और शेरनी गौरी के बाड़े में चिड़ियाघर प्रशासन ने एसी लगवाया है। गर्मी की वजह से दोनों वन्यजीव दोपहर में हांफने लग रहे थे। एसी लगने के बाद इनको काफी राहत मिली।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव संजय श्रीवास्तव के निर्देश पर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अनुमति के बाद बब्बर शेर और शेरनी को 24 मई को चिड़ियाघर गोरखपुर लाया गया। इटावा से लाने के बाद दोनों वन्यजीवों को क्वारेंटाइन सेल में रखा गया। अब इनको बाड़े में रख दिया गया है।
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चिड़ियाघर के मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डाॅ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि बब्बर शेरों के लिए गोरखपुर का मौसम थोड़ा नया है। यहां उमस ज्यादा है। पटौदी बीते तीन वर्ष से यहां पर हैं। इसलिए वह यहां के मौसम के अनुरूप ढल चुका है। गर्मी के समय उसके बाड़े में दो कूलर लगाने के बाद उसे गर्मी से राहत मिल जाती है, लेकिन यह दोनों अभी बाहर से आए हैं। यहां के मौसम में ढलने में इन्हें समय लगेगा।
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क्वारेंटाइन सेल से बाड़े में ले जाने के बाद दोनों दोपहर के समय हांफने लगे। रात में भी यहां गर्मी बहुत ज्यादा है। एहतिहात के तौर पर इनके बाड़े में एसी लगवाया गया है। इससे उनको काफी राहत मिल रही है।