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Gorakhpur News: संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल के विरोध में उतरी अभाविप
Sat, 17 Oct 2026 03:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 17 Oct 2026 03:11 AM IST
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गोरखपुर। संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया।
‘लोकतंत्र अपनाओ-अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ दीक्षा भवन से निकली प्रदर्शन यात्रा कला संकाय और विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से होते हुए छात्रसंघ चौराहे पर पहुंचकर संपन्न हुई। अभाविप ने निर्वाचन आयोग और न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाने और उनके प्रति अविश्वास फैलाने के प्रयासों का विरोध किया।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं हो पाता है, तो नियमानुसार दावा प्रस्तुत कर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन विरोध संवैधानिक दायरे में होना चाहिए।
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अभाविप गोरक्ष प्रांत के मंत्री शशिकांत मंगलम गुप्ता ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनावी सुधार प्रक्रियाओं पर निराधार सवाल खड़े करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। प्रांत सह मंत्री शुभम गोविंद राव ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके साथ अनुशासन और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन भी जरूरी है।
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‘लोकतंत्र अपनाओ-अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ दीक्षा भवन से निकली प्रदर्शन यात्रा कला संकाय और विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से होते हुए छात्रसंघ चौराहे पर पहुंचकर संपन्न हुई। अभाविप ने निर्वाचन आयोग और न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाने और उनके प्रति अविश्वास फैलाने के प्रयासों का विरोध किया।
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एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं हो पाता है, तो नियमानुसार दावा प्रस्तुत कर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन विरोध संवैधानिक दायरे में होना चाहिए।
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अभाविप गोरक्ष प्रांत के मंत्री शशिकांत मंगलम गुप्ता ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनावी सुधार प्रक्रियाओं पर निराधार सवाल खड़े करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। प्रांत सह मंत्री शुभम गोविंद राव ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके साथ अनुशासन और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन भी जरूरी है।