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Aasra Scheme: प्रशासन से लेकर शासन तक मिली निराशा, कैसे दे 'आसरा'
Sat, 28 May 2022 02:27 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 28 May 2022 02:27 PM IST
सार
सीएंडडीएस के आरई संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए कम बजट का प्रावधान था। इसके अलावा जीएसटी का भी भुगतान नहीं कराया गया है। अगर जीएसटी संबंधी पैसा मिल जाता है तो मूलभूत निर्माण कार्य करा दिया जाएगा।
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आसरा योजना
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में आसरा योजना के तहत महेसरा में 85 फ्लैट दो साल से बनकर तैयार हैं, लेकिन सड़क-नाली, सीवर लाइन आदि नहीं बनाए जाने से इनका आवंटन नहीं हो पा रहा है। कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) इसके लिए बजट नहीं होने की बात कह रहा है। वहीं, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) प्रशासन से लेकर शासन तक इसके लिए गुहार लगा रहा है।
आसरा योजना के अंतर्गत उत्तरप्रदेश के गरीब वर्ग के लोगों को सरकार की ओर से आवास दिए जा रहे हैं। योजना का लाभ उन गरीब शहरी लोगों को दिया जाना है, जो खुद मकान बनवाने में समर्थ नहीं हैं। योजना के तहत डूडा ने महेसरा में करीब 5.5 करोड़ रुपये की लागत से 85 फ्लैट बनाए हैं।
सीएंडडीएस के आरई संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए कम बजट का प्रावधान था। इसके अलावा जीएसटी का भी भुगतान नहीं कराया गया है। अगर जीएसटी संबंधी पैसा मिल जाता है तो मूलभूत निर्माण कार्य करा दिया जाएगा।
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आसरा योजना के अंतर्गत उत्तरप्रदेश के गरीब वर्ग के लोगों को सरकार की ओर से आवास दिए जा रहे हैं। योजना का लाभ उन गरीब शहरी लोगों को दिया जाना है, जो खुद मकान बनवाने में समर्थ नहीं हैं। योजना के तहत डूडा ने महेसरा में करीब 5.5 करोड़ रुपये की लागत से 85 फ्लैट बनाए हैं।
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सीएंडडीएस के आरई संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए कम बजट का प्रावधान था। इसके अलावा जीएसटी का भी भुगतान नहीं कराया गया है। अगर जीएसटी संबंधी पैसा मिल जाता है तो मूलभूत निर्माण कार्य करा दिया जाएगा।
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