{"_id":"693c67e72ab5e2ae1901a9a7","slug":"aami-contaminated-water-samples-were-collected-from-five-locations-a-report-will-be-prepared-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1163586-2025-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"आमी : पांच जगहों से लिए दूषित पानी के नमूने, तैयार होगी रिर्पोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आमी : पांच जगहों से लिए दूषित पानी के नमूने, तैयार होगी रिर्पोर्ट
विज्ञापन
आमी नदी के प्रदूषित पानी के नमूने लेने के लिए पहुंचे जांच समिति के सदस्य व अन्य। स्रोत-सोशल मीड
- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को रिपोर्ट सौंपे जाने के लिए जांच समिति ने लिए नमूने
- एसडीएम सहजनवां के साथ ही सीबीसीबी और यूपीपीसीबी के अधिकारी रहे मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आमी नदी के प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जांच के निर्देश दिए थे। एनजीटी के निर्देश पर गठित समिति ने शुक्रवार को आमी नदी और विभिन्न जगहों से आ रहे प्रदूषित पानी के नमूने लिए। कुल पांच नमूने लिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार कर 12 जनवरी को एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
जांच समिति में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक कमल कुमार, एसडीएसम सहजनवां केशरी नंदन तिवारी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पीपी सिंह और डॉ. रजनीश सिंह आदि शुक्रवार को पहुंचे थे। औद्योगिक क्षेत्र की ओर से बहने वाले पानी के जगह-जगह नमूने लिए गए। ये नमूने मुरारी इंटर कॉलेज, सहजनवां के पास, सेक्टर-13, सेक्टर-15 में औद्योगिक क्षेत्र से लिए गए। इसके अलावा सरिया नाला जहां आमी नदी में मिलता है उससे पहले और नदी में मिलने के बाद वाले स्थान पर भी नमूने लिए गए। सीपीसीबी, लखनऊ के निदेशक इसके नोडल अधिकारी हैं, इसलिए सभी सैंपल लखनऊ ले जाए गए। बताया जा रहा है कि वहीं पर इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
-- -
यह है मामला
देवरिया जिले के गौरी बाजार निवासी पर्यावरण कार्यकर्ता अनिल पांडेय ने एनजीटी में आमी नदी के प्रदूषण की शिकायत की है। इस मामले में छह अक्तूबर को एनजीटी में सुनवाई हुई। इसके बाद एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और गोरखपुर के डीएम से मामले की जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। उससे पहले इन विभागों को मिलकर जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- एसडीएम सहजनवां के साथ ही सीबीसीबी और यूपीपीसीबी के अधिकारी रहे मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आमी नदी के प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जांच के निर्देश दिए थे। एनजीटी के निर्देश पर गठित समिति ने शुक्रवार को आमी नदी और विभिन्न जगहों से आ रहे प्रदूषित पानी के नमूने लिए। कुल पांच नमूने लिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार कर 12 जनवरी को एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
जांच समिति में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक कमल कुमार, एसडीएसम सहजनवां केशरी नंदन तिवारी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पीपी सिंह और डॉ. रजनीश सिंह आदि शुक्रवार को पहुंचे थे। औद्योगिक क्षेत्र की ओर से बहने वाले पानी के जगह-जगह नमूने लिए गए। ये नमूने मुरारी इंटर कॉलेज, सहजनवां के पास, सेक्टर-13, सेक्टर-15 में औद्योगिक क्षेत्र से लिए गए। इसके अलावा सरिया नाला जहां आमी नदी में मिलता है उससे पहले और नदी में मिलने के बाद वाले स्थान पर भी नमूने लिए गए। सीपीसीबी, लखनऊ के निदेशक इसके नोडल अधिकारी हैं, इसलिए सभी सैंपल लखनऊ ले जाए गए। बताया जा रहा है कि वहीं पर इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
विज्ञापन
यह है मामला
देवरिया जिले के गौरी बाजार निवासी पर्यावरण कार्यकर्ता अनिल पांडेय ने एनजीटी में आमी नदी के प्रदूषण की शिकायत की है। इस मामले में छह अक्तूबर को एनजीटी में सुनवाई हुई। इसके बाद एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और गोरखपुर के डीएम से मामले की जांच कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। उससे पहले इन विभागों को मिलकर जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करनी है।
विज्ञापन