{"_id":"69d2ceff918df776c30ebe79","slug":"a-young-man-was-given-a-new-lease-of-life-by-performing-a-complex-surgery-on-his-broken-spine-using-minimally-invasive-surgery-at-aiims-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1280456-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: छोटे चीरों से रीढ़ की हड्डी जोड़ मरीज को दी नई जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: छोटे चीरों से रीढ़ की हड्डी जोड़ मरीज को दी नई जिंदगी
Mon, 06 Apr 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:37 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। एम्स में मिनिमल इनवेसिव सर्जरी (एमआईएस) की मदद से 30 वर्षीय युवक की टूटी रीढ़ की हड्डी की जटिल सर्जरी कर नई जिंदगी दी गई। इस तकनीक में युवक को दो-दो-दो सेंटीमीटर के केवल चार धीरे ही लगाने पड़े, जबकि ओपन सर्जरी में 15 से 20 सेंटीमीटर का चीरा लगाना पड़ता।
एम्स के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय भारती ने बताया कि देवरिया का रहने वाला 30 वर्षीय युवक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। इस दौरान उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। कई जगह दिखाने के बाद परिजन इमरजेंसी में लेकर आए थे। मरीज की जांच की गई तो पता चला कि टूटी हुई हड्डी से स्पाइनल कार्ड पर दबाव ज्यादा पड़ रहा है, जिसकी वजह से पेशाब भी नहीं हो पा रहा था। इसके अलावा अगर एक ही स्थिति में लेटना पड़ता तो पैरालिसिस होने का डर था। इसे देखते हुए तत्काल सर्जरी का फैसला लिया गया। सर्जरी के 24 घंटे के अंदर ही युवक नरे बैठना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
एम्स के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय भारती ने बताया कि देवरिया का रहने वाला 30 वर्षीय युवक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। इस दौरान उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। कई जगह दिखाने के बाद परिजन इमरजेंसी में लेकर आए थे। मरीज की जांच की गई तो पता चला कि टूटी हुई हड्डी से स्पाइनल कार्ड पर दबाव ज्यादा पड़ रहा है, जिसकी वजह से पेशाब भी नहीं हो पा रहा था। इसके अलावा अगर एक ही स्थिति में लेटना पड़ता तो पैरालिसिस होने का डर था। इसे देखते हुए तत्काल सर्जरी का फैसला लिया गया। सर्जरी के 24 घंटे के अंदर ही युवक नरे बैठना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन