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Gorakhpur News: सहकर्मी और उसके रिश्तेदारों ने रिटायर्ड कर्मचारी से की 87.18 लाख की ठगी, केस दर्ज

Fri, 14 Nov 2025 01:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Nov 2025 01:15 AM IST
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A retired employee was duped of Rs 87.18 lakh by a colleague and his relatives; a case has been registered.

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शाहपुर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शुरू की जांच



आरोपियों ने रिटायर्ड कर्मचारी के नाम पर लोन लेकर खरीद ली कार, बेचनी शुरू कर दी थी प्रापर्टी



अमर उजाला ब्यूरो



पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगानगर कॉलोनी निवासी कृषि विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी सुरेंद्र सिंह से 87 लाख 18 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि सहकर्मी और उसके रिश्तेदार व दोस्तों ने साजिश रचकर उन्हें ठग लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उनके नाम पर लोन लेकर कार भी खरीद ली। बुधवार रात में शाहपुर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



ठगी का पता चलने पर सुरेंद्र सिंह ने शाहपुर थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर अशोक कुमार श्रीवास्तव, कार्तिकेय श्रीवास्तव, सुषमा श्रीवास्तव, मनोज यादव और निलेश मल्ल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह और हरिद्वारपुरम बशारतपुर निवासी अशोक कुमार श्रीवास्तव दोनों साथ में कृषि विभाग में कार्यरत रहे और सेवानिवृत्ति के बाद भी उनसे मित्रवत संबंध बने रहे। सुरेंद्र के अनुसार, अशोक के साले का बेटा महाराजगंज के फरेंदा शाहाबाद निवासी कार्तिकेय उनके कागजी कार्य कराने में मदद करता था, जिसके चलते उसे उनके मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड व बैंक खाते की जानकारी मिल गई।
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आरोप है कि अक्तूबर 2023 में कार्तिकेय ने ओटीपी के जरिये उनके खाते से तीन बार में 67 हजार रुपये निकाल लिए। जब सुरेंद्र ने इसकी जानकारी अशोक और कार्तिकेय को दी तो उन्हाेंने उनका मोबाइल नंबर व संबंधित दस्तावेज लेकर बैंक जाकर मामला निपटाने का वादा किया। आरोप है कि बाद में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके खाते से 36 लाख 93 हजार, फिर 38 लाख 25 हजार और 10 लाख की राशि अपने खाते में ट्रांसफर कर ली।




आरोप है कि कार्तिकेय ने 10 लाख की रकम अपने दोस्तों मनोज यादव और निलेश मल्ल के खाते में ट्रांसफर कर दी। यही नहीं आरोपियों ने पीड़ित की जमीन कार्तिकेय की मां सुषमा के नाम बैनामा करा दी। इसके अलावा कार्तिकेय और अशोक ने उनके नाम पर बैंक से वाहन ऋण लेकर कार भी खरीद ली। जानकारी के बाद जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गालीगलौज करते हुए उन्हें व उनके परिवार को जान से मारने व फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकियां देना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत शाहपुर थाने में की।

वर्जन



पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बैंक खातों की डिटेल और लोन ट्रांजेक्शन की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



-रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
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