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गोरखपुर के मरीज माफिया: निजी अस्पताल में मरने के बाद भी किशोर का करते रहे इलाज, 4 लाख रुपये करवाए जमा- हंगामा

Mon, 16 Jun 2025 11:32 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Mon, 16 Jun 2025 11:32 AM IST
सार

घरवालों का कहना था कि मरीज को सुबह प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया था, लेकिन किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा था। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को देर शाम आनन फानन हायर सेंटर रेफर कर दिया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाने पर मौत की पुष्टि हुई। इस बीच चार लाख रुपये भी अस्पताल प्रबंधन ने जमा करवा लिया था।

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A private hospital in Gorakhpur city treated the young man even after his death. Rs 4 lakh was deposited
निजी अस्पताल के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मोगलहा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती 17 वर्षीय किशोर की मौत के बाद भी इलाज का आरोप लगाते हुए घरवालों ने रविवार देर रात हंगामा किया। घरवालों का कहना था कि मरीज को सुबह प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया था, लेकिन किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा था। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को देर शाम आनन-फानन हायर सेंटर रेफर कर दिया।

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बीआरडी ले जाने पर मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद गुलरिहा पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। घरवालों ने बताया कि अस्पताल संचालक ने इलाज के नाम पर करीब चार लाख रुपये ऐंठ लिए थे। जानकारी के अनुसार, गुलरिहा क्षेत्र के बरगदही निवासी अमन सिंह (17) पुत्र संदीप सिंह बीते आठ जून को सड़क हादसे में घायल हो गया था।
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परिजनों ने मोगलहा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।मृत किशोर के चाचा दिनेश का कहना था कि देखने से ही लग रहा था कि मरीज की मौत हो चुकी है, लेकिन सुबह से ही अस्पताल प्रबंधन यह दिलासा दे रहा था कि मरीज की हालत में सुधार है और वह सो रहा है।
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दिनेश ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने रुपये वसूलने के लिए मृत मरीज का भी इलाज किया। इसके बाद घरवालों को धोखा देने के लिए हायर सेंटर लखनऊ रेफर करने का नाटक किया।

मृत किशोर के चाचा दिनेश का कहना था कि देखने से ही लग रहा था कि मरीज की मौत हो चुकी है, लेकिन सुबह से ही अस्पताल प्रबंधन यह दिलासा दे रहा था कि मरीज की हालत में सुधार है और व सो रहा है। दिनेश ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने रुपये वसूलने के लिए मृत मरीज का भी इलाज किया।

इसके बाद घरवालों को धोखा देने के लिए हायर सेंटर लखनऊ रेफर करने का नाटक किया। एक सप्ताह पहले भी अस्पताल में सिकरीगंज के एक मरीज की मौत के बाद भी हंगामा हुआ था।


परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। तहरीर मिलती है तो उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी

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