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Gorakhpur News: सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख की ठगी, 10 साल तक छात्र को दौड़ाते रहे जालसाज

Fri, 12 Dec 2025 01:04 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 01:04 AM IST
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A man was defrauded of five lakh rupees on the pretext of getting him a job in the secretariat; the fraudsters kept stringing the student along for 10 years.
- लखनऊ ले जाकर कराई फर्जी ट्रेनिंग, रुपये मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
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- तीन आरोपियों पर रामगढ़ताल थाने में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र से सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। प्रज्ञानगर नई कॉलोनी निवासी देव प्रकाश पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने पीपीगंज भरोहिया निवासी प्रभाकर मिश्र उर्फ रिंकू, शाहपुर एल्युमिनियम फैक्ट्री कृष्णा नगर कॉलोनी निवासी अखिलेश दुबे तथा देवरिया के एकौना थाना क्षेत्र के रकहट निवासी दुर्गेश पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बताया कि जालसाजों ने लखनऊ बुलाकर फर्जी ट्रेनिंग तक कराई और उसके बाद पूरे दस वर्षों तक नियुक्ति का झांसा देकर दौड़ाते रहे। जब छात्र ने अपनी रकम वापस मांगी तो उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को कहा गया।
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देव प्रकाश ने बताया कि वर्ष 2015 में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान उसके रिश्तेदार प्रभाकर मिश्र ने सचिवालय में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। प्रभाकर ने दावा किया कि उनका मजबूत चैनल है और पांच लाख रुपये में अच्छी पोस्ट पर नौकरी मिल जाएगी। इस दौरान प्रभाकर ने उसकी मुलाकात अखिलेश दुबे से कराई। दोनों ने मिलकर सभी प्रमाणपत्रों की फोटो कॉपी मांगी। बाद में देव प्रकाश से 1,49,500 रुपये अलग-अलग खातों में जमा कराए गए और फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया।
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इसके बाद दोनों आरोपी स्विफ्ट कार से उसे लखनऊ ले गए और बताया कि सचिवालय में 3.50 लाख रुपये देने पड़ेंगे। घुसड़िया चौराहे के एक होटल में देवरिया निवासी दुर्गेश पांडेय आया, जिसे सचिवालय का अधिकारी बताया गया। देव प्रकाश ने उसे 3.50 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद लखनऊ के सीएमएस कॉलेज के पास एक कंप्यूटर सेंटर पर 3-4 दिन की ट्रेनिंग कराई गई, जहां पता चला कि सब कुछ फर्जी है। फोन करने पर आरोपी संपर्क से दूर हो गए। घर लौटने पर देव प्रकाश ने पूरे मामले की जानकारी प्रभाकर और अखिलेश को दी। तब उन्होंने आश्वासन दिया कि दूसरी जगह नौकरी लगवा देंगे। इसी आश्वासन में 4-5 साल बीत गए, फिर 10 साल गुजर गए।
कोट
मामला पुराना है। पीड़ित की तहरीर पर तीन जालसाजों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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