{"_id":"67c2abc7f94be62d4a073513","slug":"a-junior-mbbs-student-was-beaten-in-gorakhpur-medical-college-for-cutting-his-hair-short-2025-03-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रैगिंग : BRD मेडिकल कॉलेज में जूनियर को 'गजनी' बना रहे थे सीनियर, 'इंकार' पर की थी पिटाई-जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैगिंग : BRD मेडिकल कॉलेज में जूनियर को 'गजनी' बना रहे थे सीनियर, 'इंकार' पर की थी पिटाई-जांच शुरू
Sat, 01 Mar 2025 12:10 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 01 Mar 2025 12:10 PM IST
सार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के यह पहली घटना नहीं है। नाम नहीं बताने की शर्त पर जूनियर छात्र-छात्राओं के एक समूह ने बताया कि छात्रावास में रहने वालों के साथ सीनियर्स अक्सर ऐसी हरकतें करते हैं। वरिष्ठता और अनुशासन का हवाला देकर जूनियर छात्रों से अपने व्यक्तिगत कार्य भी कराए जाते हैं।
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई रैगिंग में एमबीबीएस छात्र को पीटने के अलावा तीन अन्य जूनियर छात्रों के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ था। पीड़ित छात्रों की तरफ से प्राचार्य को गोपनीय शिकायती पत्र देने की भी बात कही जा रही है। इस वजह से शुक्रवार को प्राचार्य की अध्यक्षता में तत्काल मीटिंग भी बुलाई गई थी।
विज्ञापन
इसमें पूरे मामले की जांच स्क्वाड कमेटी को सौंपते हुए पांच दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। पीड़ित छात्रों से कमेटी ने पूछताछ भी की। छात्रों ने अपना बयान दर्ज कराया। चर्चा है कि पांच छात्र चिन्हित भी कर लिए गए हैं। कॉलेज प्रशासन इस बार सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के यह पहली घटना नहीं है। नाम नहीं बताने की शर्त पर जूनियर छात्र-छात्राओं के एक समूह ने बताया कि छात्रावास में रहने वालों के साथ सीनियर्स अक्सर ऐसी हरकतें करते हैं। वरिष्ठता और अनुशासन का हवाला देकर जूनियर छात्रों से अपने व्यक्तिगत कार्य भी कराए जाते हैं।
विज्ञापन
हॉस्टल के कमरों की सफाई, गाना सुनाना, पानी लाना आदि तो मामूली बात होती है। अगर किसी जूनियर ने बात अनसुना किया तो सीनियरों का समूह उससे व्यक्तिगत तौर पर खुन्नस निकालने लगता है। उसे अनुशासनहीन बताकर परेशान किया जाता है। पिछले दिनों जूनियर छात्रों को बाल छोटा रखने का फरमान सुनाया गया था। ऐसा फरमान पहले भी सुनाया जा चुका है।