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Gorakhpur News: खाकी की आड़ में फर्जी लोन का खेल, भागने की कहानी में भी पुलिस को दिखा झोल

Wed, 26 Aug 2026 02:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:51 AM IST
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A fraudulent loan racket under the guise of the police; inconsistencies spotted in the escape story too.
गोरखपुर। खाकी की आड़ में फर्जी लोन का खेल खेलने के आरोपी सिपाही नीतीश कुमार यादव की पूछताछ में सामने आई कहानी ने जांच को एक और दिशा दे दी है। पुलिस को उसके बताए घटनाक्रम में कई झोल नजर आ रहे हैं।
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सिपाही ने पुलिस सत्यापन के नाम पर 15 शातिर अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और गैंगस्टरों के आधार-पैन हासिल कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और उनके नाम पर तीन से पांच लाख रुपये तक के व्यक्तिगत लोन कराने की बात बताई है। इनमें जिला बदर अपराधी अजय साहनी भी शामिल है। उसके नाम पर पांच लाख रुपये का लोन लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
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जांच में सिपाही के बैंक खातों में करीब 55 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। करीब 1.10 लाख रुपये ईएमआई चुकाने के बाद भी उस पर लोन और उधारी मिलाकर करीब 80 लाख रुपये का बोझ हो गया था। पुलिस के मुताबिक जुएं की लत के कारण रकम गंवाने के बाद वह दिसंबर 2024 में फरार हो गया।
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मोबाइल तोड़ा, सोनौली पहुंचकर खाई गोलियां
पूछताछ में सिपाही ने बताया कि भागने के दौरान सबसे पहले वह सोनौली बॉर्डर पहुंचा। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल तोड़ दिया। इसके बाद बुखार की 60 गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की। हालांकि उसकी जान बच गई। इसके बाद उसने लखनऊ निवासी एक दोस्त से संपर्क किया और वहां काम की तलाश में पहुंचा। कुछ दिन गत्ता उठाने का काम किया, जिसके बदले उसे प्रतिदिन 100 रुपये मिलते थे।
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लखनऊ से पटना, फिर कोलकाता और दुबई
सिपाही के मुताबिक, लखनऊ में कुछ दिन रहने के बाद वह पटना और फिर कोलकाता गया। वहां गूगल के जरिये उसे दुबई में बाइक राइडर की नौकरी की जानकारी मिली। एजेंट के माध्यम से करीब 75 हजार रुपये खर्च कर मई 2025 में दुबई चला गया। उस समय उसके पास महज पांच हजार रुपये थे। वीजा नहीं होने के कारण वहां कुछ दिन छिपकर रहने का दावा किया। बाद में एजेंट के जरिये वर्किंग वीजा मिलने पर काम शुरू करने की बात बताई।
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हादसे के बाद बहन से किया संपर्क
पूछताछ में सिपाही ने बताया कि करीब दो महीने पहले दुबई में हादसे का शिकार हो गया था। इसके बाद उसने दिल्ली में रहने वाली बहन से संपर्क किया। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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दुबई में भी फ्रॉड की आशंका
पुलिस को सिपाही के चेहरे और हाव-भाव से उसकी कहानी में कई बातें संदिग्ध लग रही हैं। पुलिस को आशंका है कि दुबई में वह हवाला कारोबार से जुड़ा हो सकता है। वहां भी उसके किसी फ्रॉड में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इन बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। अब उसके विदेश में संपर्कों, आर्थिक लेनदेन और भारत से दुबई जाने के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।



जुएं की मेज पर हारता गया पैसा
पूछताछ में आरोपी सिपाही नीतीश कुमार यादव ने जुआ खेलने की लत होने की बात स्वीकार की है। आरोप है कि लोन और उधार से जुटाई गई रकम जुएं में गंवा दी। जब बैंककर्मियों और कर्ज देने वालों का तगादा बढ़ा तो उसने रास्ता बदलने के बजाय भागने का फैसला किया। दिसंबर 2024 में वह भाग गया।

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पिता ने भी कर लिया था किनारा
सिपाही के पिता रुदल प्रसाद यादव आईटीबीपी में असम में तैनात हैं। उसकी गलत आदतों और गतिविधियों से नाराज होकर पिता ने उससे नाता तोड़ लिया था। अब जांच में उसके बैंक लेनदेन, अपराधियों के दस्तावेजों से खोले गए खातों और लोन की रकम का मिलान किया जा रहा है। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और रकम निकालने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी पड़ताल हो रही है।
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