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Gorakhpur News: कुछ दिन की सख्ती फिर भूल गए जिम्मेदार

Wed, 07 Feb 2024 04:32 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 07 Feb 2024 04:32 PM IST
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A few days of strictness then forgot the responsibility
कुछ दिन की सख्ती फिर भूल गए जिम्मेदार
यूनिवर्सिटी चौराहे से रेलवे स्टेशन के बीच सड़क पर खड़ी हो रही रोडवेज की बसें राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। रोडवेज के जिम्मेदारों ने कुछ दिनों तक सड़क पर खड़ी होने वाली बसों के चालकों व परिचालकों पर सख्ती की, लेकिन अब सख्ती होने से पहले की तरह ही रोडवेज की बसें सड़कों पर खड़ी हो रही हैं।
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मंगलवार की दोपहर 1:45 बजे यूनिवर्सिटी चौराहे से आगे बढ़ने पर सड़क के दाहिने ओर बस्ती और अवध डिपो की खड़ी थी, इसके साथ वहां ई-रिक्शा और ऑटो भी बड़ी संख्या में खड़े थे, इससे वहां जाम की स्थिति बनी हुई थी। इस बीच यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवान इन्हें हटाने की कोशिश करते हुए दिखाई दिए, लेकिन ऑटो और ई-रिक्शा चालक वहां से चले जा रहे थे, बस चालकों ने बसों को वहीं खड़ा कर दिया था। इसके आगे बढ़ने पर सड़क के दाहिने ओर सड़क पर सिद्धार्थनगर डिपो की बसें खड़ी थी।
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इनके परिचालक बसों में सवारियां भर रहे थे। वहीं बस स्टेशन के सामने लखनऊ, बस्ती, महाराजगंज और गोरखपुर, देवरिया और तमकुहीराज डिपो की बसें सड़क किनारे कतार में खड़ी थीं और इनके परिचालक बसों के सवारियां भर रहे थे, लेकिन रोडवेज का कोई भी जिम्मेदार जुर्माना तो दूर इन्हें रोकने तक के लिए नहीं था।
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एक हजार जुर्माने का था प्रावधान
रेलवे स्टेशन से यूनिवर्सिटी चौराहे के बीच सड़क किनारे बसें खड़े होने से लगने वाले जाम से निजात के लिए प्रशासन के निर्देश पर परिवहन निगम के जिम्मेदारों ने बस स्टेशन के 300 मीटर के दायरे में सड़क पर बसें खड़ी कर उसमें सवारी भरने पर पूरी तरह से रोक लगाते हुए ऐसा करने पर एक हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया था।

एआरएम गोरखपुर डिपो महेश चंद्र ने बताया कि सड़क पर बसें खड़ी न हो इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है, जो चालक या परिचालक चेतावनी के बाद भी नहीं मान रहा है उसपर कार्रवाई की जा रही है।

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नियम बदले तो बदल दिया ई-रिक्शा का रंग

- परिवहन विभाग में अब हो रहा है सिर्फ सफेद ई-रिक्शा का पंजीकरण
- ई-रिक्शा चालक अपने पुराने ई-रिक्शा को सफेद रंग में रंगवाकर करा रहे संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। परिवहन विभाग की सख्ती के बाद ई-रिक्शा चालकों ने अपनी मर्जी से ई-रिक्शा को सफेद रंग में रंगकर चलाना शुरू कर दिया है। उन्होंने इसके लिए परिवहन विभाग की अनुमति नहीं ली है।
शहर में अब सफेद रंग के ई-रिक्शा का ही संचालन किया जाना है। ऐसे में परिवहन विभाग सिर्फ सफेद ई-रिक्शा का ही पंजीकरण कर रहा है। अन्य किसी भी रंग के ई-रिक्शा के पंजीकरण को बंद कर दिया गया है। परिवहन विभाग के इस कदम के बाद शहर में बिना रोकटोक फर्राटा भर रही ई-रिक्शा को उनके चालकों ने सफेद रंग में रंगना शुरू कर दिया है, ताकि उनपर कोई कार्रवाई न हो। जबकि बिना परिवहन विभाग के अनुमति के वह अपने ई-रिक्शा के रंग को बदलवा नहीं सकते हैं।

सहायक परिवहन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि शहर में अब सफेद ई-रिक्शा का ही संचालन होना है। ऐसे में पंजीकरण भी सफेद ई-रिक्शा का किया जा रहा है। ई-रिक्शा के रंग को बदलने के पहले परिवहन विभाग की अनुमति अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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