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Gorakhpur News: केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया में एक दर्जन कॉलेजों ने दिखाई रुचि
Sat, 13 Apr 2024 04:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 13 Apr 2024 04:02 AM IST
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में इस बार केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया लागू है। इसमें शामिल होने के लिए संबद्ध काॅलेजों ने रुचि दिखानी शुरू कर दी है। अभी तक एक दर्जन से ज्यादा कॉलेज इसके लिए शुल्क जमा कर आवेदन कर चुके हैं। कई कॉलेज ऐसे भी हैं जिनके आवेदन पर अभी विचार हो रहा है।
प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने के लिए कॉलेजों को कम से कम दो पाठ्यक्रमोें की फीस जमा करनी थी। दो परंपरागत पाठ्यक्रम के लिए 40 हजार रुपये और दो प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए एक लाख रुपये जमा करने हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे काॅलेजों को मेधावी छात्र मिलेंगे और साथ ही कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी।
विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित अंतिम तिथि तक अलग-अलग काॅलेजों ने अपने यहां संचालित होने वाले 39 पाठ्यक्रमों के लिए केंद्रीयकृत प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। अब तक 13 परंपरागत और 7 प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए काॅलेजों ने आवेदन किए हैं। इसमें मारवाड़ बिजनेस स्कूल ने सबसे ज्यादा 11 पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया है। महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़ ने चार पाठ्यक्रम, चंद्रकांति रमावती देवी आर्य महिला काॅलेज, वीरबहादुर सिंह महविद्यालय, हरनहीं, प्रभादेवी लाॅ काॅलेज, सहजनवां, नेशनल पीजी काॅलेज बड़हलगंज, बापू पीजी काॅलेज, पीपीगंज, बुद्ध पीजी काॅलेज, रतसिया कोठी, डीएवी पीजी काॅलेज गोरखपुर, जानकी डिग्री काॅलेज, गीडा, एमपी महिला महाविद्यालय रामदत्तपुर, हरिसहाय लाॅ काॅलेज, शांति सशक्तिकरण महाविद्यालय, बीआरडी पीजी काॅलेज देवरिया और मधुसूदन दास महाविद्यालय, गोरखपुर ने भी विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया है। इसमें डीएवी पीजी काॅलेज और बीआरडी पीजी काॅलेज और बापू पीजी कॉलेज वित्तपोषित हैं। बाकी सभी कॉलेज स्व-वित्तपोषित हैं।
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कोट...
केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कॉलेजों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। यह बहुत ही सकारात्मक है। इससे उन्हें अच्छे विद्यार्थी मिलेंगे और सीटें भी खाली नहीं रहेंगी।
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने के लिए कॉलेजों को कम से कम दो पाठ्यक्रमोें की फीस जमा करनी थी। दो परंपरागत पाठ्यक्रम के लिए 40 हजार रुपये और दो प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए एक लाख रुपये जमा करने हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे काॅलेजों को मेधावी छात्र मिलेंगे और साथ ही कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी।
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विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित अंतिम तिथि तक अलग-अलग काॅलेजों ने अपने यहां संचालित होने वाले 39 पाठ्यक्रमों के लिए केंद्रीयकृत प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। अब तक 13 परंपरागत और 7 प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए काॅलेजों ने आवेदन किए हैं। इसमें मारवाड़ बिजनेस स्कूल ने सबसे ज्यादा 11 पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया है। महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़ ने चार पाठ्यक्रम, चंद्रकांति रमावती देवी आर्य महिला काॅलेज, वीरबहादुर सिंह महविद्यालय, हरनहीं, प्रभादेवी लाॅ काॅलेज, सहजनवां, नेशनल पीजी काॅलेज बड़हलगंज, बापू पीजी काॅलेज, पीपीगंज, बुद्ध पीजी काॅलेज, रतसिया कोठी, डीएवी पीजी काॅलेज गोरखपुर, जानकी डिग्री काॅलेज, गीडा, एमपी महिला महाविद्यालय रामदत्तपुर, हरिसहाय लाॅ काॅलेज, शांति सशक्तिकरण महाविद्यालय, बीआरडी पीजी काॅलेज देवरिया और मधुसूदन दास महाविद्यालय, गोरखपुर ने भी विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया है। इसमें डीएवी पीजी काॅलेज और बीआरडी पीजी काॅलेज और बापू पीजी कॉलेज वित्तपोषित हैं। बाकी सभी कॉलेज स्व-वित्तपोषित हैं।
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कोट...
केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कॉलेजों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। यह बहुत ही सकारात्मक है। इससे उन्हें अच्छे विद्यार्थी मिलेंगे और सीटें भी खाली नहीं रहेंगी।
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय