फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   A cyber fraud syndicate was operating under the guise of a fake call center, and there are suspicions of its connection to an international gang.

Gorakhpur News: फर्जी कॉल सेंटर के बहाने चल रहा था साइबर ठगी का सिंडिकेट, अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़ने का शक

Fri, 12 Dec 2025 12:59 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 12:59 AM IST
विज्ञापन
A cyber fraud syndicate was operating under the guise of a fake call center, and there are suspicions of its connection to an international gang.
- विदेशी लेन-देन ने बदला जांच का रुख, बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। फर्जी कॉल सेंटर के पर्दे में चल रहे साइबर जालसाजी के सिंडिकेट की जांच अब अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह की ओर मुड़ गई है। ऑनलाइन गेमिंग ,एप और म्यूल तों के जरिये होने वाली जालसाजी के रूप में शुरू हुई जांच में आर्थिक ट्रेल में अमेरिका और कनाडा से धनराशि आने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि गुलरिहा निवासी राकेश प्रजापति का नेटवर्क कहीं अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग से तो नहीं जुड़ा है। वहीं, दो बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध हैं और दोनों भागे हुए हैं।
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को गुलरिहा थाने पहुंचकर केस की विस्तृत समीक्षा की और विदेशी धनराशि से जुड़े लेन-देन की जानकारी ली। शुरुआती डिजिटल विश्लेषण में यह स्पष्ट हुआ है कि म्यूल खातों में आए कई ट्रांजेक्शन विदेशी लोकेशन से हुए हैं। ये वही खाते हैं जिन्हें राकेश ने अनपढ़ लोगों और परिचितों के फर्जी दस्तावेजों पर खुलवाया था।
विज्ञापन

गुलरिहा क्षेत्र का रहने वाला राकेश प्रजापति लंबे समय से कॉल सेंटर चलाने के नाम पर साइबर ठगी में लिप्त था। वह फेयर प्ले जैसे ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित करता था और रकम म्यूल खातों में जमा कराता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि हर म्यूल खाते में प्रतिदिन 10 से 15 लाख रुपये तक का लेन-देन हो रहा था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके ठिकाने से लैपटॉप, मोबाइल, हेडफोन सहित कई डिजिटल डिवाइस बरामद किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन



बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
अब तक की जांच में सामने आया है कि राकेश ने बैंककर्मियों की मिलीभगत से कई फर्जी खाते खुलवाए। दो नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं जिसमें बैंक मैनेजर और कैशियर दोनों पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी सत्यापन के फर्जी दस्तावेजों पर कई खाते खोलने की अनुमति दी। पुलिस ने दोनों के घरों पर दबिश दी, लेकिन वे भाग निकले।


कॉल सेंटर का एग्रीमेंट जाने आलम के नाम पर
जहां कॉल सेंटर चलाया जा रहा था, उस मकान का एग्रीमेंट जाने आलम के नाम पर किया गया था। जालसाजों ने मकान मालिक को बताया था कि वे जन सुविधा केंद्र खोल रहे हैं। मकान मालिक को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि अंदर साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क चल रहा है।



पुलिस जांच तेज, बड़े पर्दाफाश की आशंका
विदेशी लेन-देन और बैंककर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद जांच अब बैंकिंग चैनल और अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल पर केंद्रित हो गई है। एसपी क्राइम ने बताया कि जालसाजी में शामिल हर व्यक्ति और लिंक की जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed