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Gorakhpur News: श्मशान ले जाने से पहले तुलसी जल डालते ही आई खांसी, ले गए अस्पताल
Fri, 16 Oct 2026 03:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 16 Oct 2026 03:18 AM IST
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बड़हलगंज (गोरखपुर)। अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद घर लाई गईं 56 वर्षीय ललिता देवी के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। बांस की अर्थी तैयार थी और रिश्तेदार व ग्रामीण उनके अंतिम संस्कार के लिए घाट जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच परंपरा के अनुसार महिलाओं ने उनके मुंह में तुलसी का जल डाला तो वह खांसने लगीं। यह देख परिजन और वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल दोबारा अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। बेलवा दाखिली गांव निवासी ललिता देवी के देवर चंद्रमौली यादव के मुताबिक, उनकी भाभी कुछ दिनों से बीमार थीं। उनका इलाज गांव के पास पिड़हनी चौराहे पर एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें बड़हलगंज के एक अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने ब्रेन हेमरेज की आशंका जताते हुए उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया। परिजन ललिता देवी को गोरखनाथ हॉस्पिटल ले गए, जहां इलाज के दौरान बुधवार को चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद परिजन उन्हें घर ले आए। घर पहुंचने पर मातम छा गया और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। बांस की अर्थी तैयार हो गई थी और रिश्तेदारों व ग्रामीणों के जुटने के बीच घाट ले जाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान महिलाएं परंपरा के अनुसार ललिता देवी के मुंह में तुलसी का जल डालने लगीं। तभी उनके खांसने पर वहां मौजूद लोग चौंक गए। घटना के बाद परिजन बिना देर किए ललिता देवी को दोबारा अस्पताल ले गए। फिलहाल उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
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इसके बाद परिजन उन्हें घर ले आए। घर पहुंचने पर मातम छा गया और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। बांस की अर्थी तैयार हो गई थी और रिश्तेदारों व ग्रामीणों के जुटने के बीच घाट ले जाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान महिलाएं परंपरा के अनुसार ललिता देवी के मुंह में तुलसी का जल डालने लगीं। तभी उनके खांसने पर वहां मौजूद लोग चौंक गए। घटना के बाद परिजन बिना देर किए ललिता देवी को दोबारा अस्पताल ले गए। फिलहाल उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
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