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UP: नाव में क्षमता से अधिक सवार थे लोग, गोरखपुर के राप्ती नदी में पलटी, एक की मौत, 13 ने तैरकर बचाई जान
Mon, 16 Jun 2025 01:26 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Mon, 16 Jun 2025 01:26 PM IST
सार
नेतवारपट्टी गांव के लोग जिस नाव (डेंगी) पर सवार थे, उसकी क्षमता पांच से छह की थी। लेकिन, उसपर 14 लोग सवार थे। नाव भी सूखी थी, जिसकी काफी समय से मरम्मत भी नहीं हुई थी। नदी में तेज हवा के झोंके से नाव पलट गई। एक लोग डूब गए, जबकि अन्य 13 लोग खुद तैरकर नदी के किनारे आ गए।
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मृतक पावर यादव की फाइल फोटो और मौजूद ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बड़हलगंज कोतवाली क्षेत्र के नेतवार पट्टी गांव के 14 ग्रामीणों से भरी छोटी नाव (डेंगी) रविवार को दोपहर में राप्ती नदी में पलट गई। इसमें 13 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन पवारू यादव (55) की डूबने से मौत हो गई। ये सभी ग्रामीण अपनी जमीन की पैमाइश कराने के लिए देवरिया जनपद के मदनपुर इलाके के कुंडा मुहाल गांव के धनया टोला जा रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, नेतवार पट्टी गांव के कुछ किसानों की जमीन देवरिया जनपद के मदनपुर थाना के कुंडा मुहाल के धनया टोला में है। रविवार को राजस्व विभाग की ओर से उनकी जमीन की पैमाइश होनी थी। इसके लिए पवारू यादव, ग्राम प्रधान सत्यदेव यादव, शेषनाथ यादव, मुकेश यादव, जयप्रकाश समेत 14 ग्रामीण दोपहर 12 बजे नाव (डेंगी) पर सवार होकर नदी उस पार धनया टोला के लिए निकले।
घाट के 20 मीटर पहले ही नाव अचानक पलट गई। इनमें से 13 लोगों ने तैरकर जान बचा ली, मगर पवारू यादव डूब गए। गोताखोरों की मदद से उनका शव बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही देवरिया की मदनपुर व गोरखपुर की बड़हलगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई। मौत की सूचना पर गांव में कोहराम मच गया।
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नाव में क्षमता से अधिक लोग थे सवार...तेज हवा से पलट गई
चिल्लूपार (गोरखपुर)। नेतवारपट्टी गांव के लोग जिस नाव (डेंगी) पर सवार थे, उसकी क्षमता पांच से छह की थी। लेकिन, उसपर 14 लोग सवार थे। नाव भी सूखी थी, जिसकी काफी समय से मरम्मत भी नहीं हुई थी। नदी में तेज हवा के झोंके से नाव पलट गई।
हादसे के बाद तैरकर बाहर आए लोगों ने बताया कि नाव पलटी तो भतीजे की जान बचाने के लिए पवारू यादव ने अपने जान की बाजी लगा दी। वह तैरना जानते थे। भतीजे जयप्रकाश को डूबता देख उसे बचा लिया, लेकिन खुद नदी में डूब गए। पवारू के पांच बच्चे हैं। तैरकर बाहर आए मुकेश यादव ने बताया कि नाव भदिला प्रथम गांव की थी।
यह सूखी हुई थी यानी बहुत दिनों से पानी में नहीं गई थी। फोन गिर गया, परिजन कॉल करते रहे : नाव नदी में पलटी तो सवार लोगों के मोबाइल फोन पानी में गिर गए। घर से परिजन उन्हें कॉल करते रहे लेकिन बात नहीं हो सकी। आसपास मौजूद लोगों के फोन से परिजनों को घटना की जानकारी हुई। नाव पर सवार शेषनाथ यादव ने बताया कि नाव पलटते ही चीख-पुकार मच गई।
तीन साल पहले भी नाव पलटने से दो की हुई थी मौत
चिल्लूपार। बड़हलगंज थाना क्षेत्र के नेतवारपट्टी गांव स्थित राप्ती नदी में नौ अक्तूबर 2022 को भी नाव पलट गई थी। हादसे में नाव पर सवार दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय भी डोंगी नाव पर नेतवारपट्टी गांव की एक महिला सहित छह लोग सवार होकर पशुओं के लिए चारा लेने राप्ती नदी के दूसरी तरफ देवरिया जिले के भदिला गांव की तरफ जा रहे थे।
नदी पार करते समय अचानक अनियंत्रित होकर नाव डूबने लगी। किसी तरह लोगों ने महिला व अन्य 4 युवकों को बचा लिया। लेकिन, उसपर सवार बृजेश यादव (22) व बलिराम सिंह (30) डूब गए थे। संवाद
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जानकारी के मुताबिक, नेतवार पट्टी गांव के कुछ किसानों की जमीन देवरिया जनपद के मदनपुर थाना के कुंडा मुहाल के धनया टोला में है। रविवार को राजस्व विभाग की ओर से उनकी जमीन की पैमाइश होनी थी। इसके लिए पवारू यादव, ग्राम प्रधान सत्यदेव यादव, शेषनाथ यादव, मुकेश यादव, जयप्रकाश समेत 14 ग्रामीण दोपहर 12 बजे नाव (डेंगी) पर सवार होकर नदी उस पार धनया टोला के लिए निकले।
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घाट के 20 मीटर पहले ही नाव अचानक पलट गई। इनमें से 13 लोगों ने तैरकर जान बचा ली, मगर पवारू यादव डूब गए। गोताखोरों की मदद से उनका शव बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही देवरिया की मदनपुर व गोरखपुर की बड़हलगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई। मौत की सूचना पर गांव में कोहराम मच गया।
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नाव में क्षमता से अधिक लोग थे सवार...तेज हवा से पलट गई
चिल्लूपार (गोरखपुर)। नेतवारपट्टी गांव के लोग जिस नाव (डेंगी) पर सवार थे, उसकी क्षमता पांच से छह की थी। लेकिन, उसपर 14 लोग सवार थे। नाव भी सूखी थी, जिसकी काफी समय से मरम्मत भी नहीं हुई थी। नदी में तेज हवा के झोंके से नाव पलट गई।
हादसे के बाद तैरकर बाहर आए लोगों ने बताया कि नाव पलटी तो भतीजे की जान बचाने के लिए पवारू यादव ने अपने जान की बाजी लगा दी। वह तैरना जानते थे। भतीजे जयप्रकाश को डूबता देख उसे बचा लिया, लेकिन खुद नदी में डूब गए। पवारू के पांच बच्चे हैं। तैरकर बाहर आए मुकेश यादव ने बताया कि नाव भदिला प्रथम गांव की थी।
यह सूखी हुई थी यानी बहुत दिनों से पानी में नहीं गई थी। फोन गिर गया, परिजन कॉल करते रहे : नाव नदी में पलटी तो सवार लोगों के मोबाइल फोन पानी में गिर गए। घर से परिजन उन्हें कॉल करते रहे लेकिन बात नहीं हो सकी। आसपास मौजूद लोगों के फोन से परिजनों को घटना की जानकारी हुई। नाव पर सवार शेषनाथ यादव ने बताया कि नाव पलटते ही चीख-पुकार मच गई।
तीन साल पहले भी नाव पलटने से दो की हुई थी मौत
चिल्लूपार। बड़हलगंज थाना क्षेत्र के नेतवारपट्टी गांव स्थित राप्ती नदी में नौ अक्तूबर 2022 को भी नाव पलट गई थी। हादसे में नाव पर सवार दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय भी डोंगी नाव पर नेतवारपट्टी गांव की एक महिला सहित छह लोग सवार होकर पशुओं के लिए चारा लेने राप्ती नदी के दूसरी तरफ देवरिया जिले के भदिला गांव की तरफ जा रहे थे।
नदी पार करते समय अचानक अनियंत्रित होकर नाव डूबने लगी। किसी तरह लोगों ने महिला व अन्य 4 युवकों को बचा लिया। लेकिन, उसपर सवार बृजेश यादव (22) व बलिराम सिंह (30) डूब गए थे। संवाद