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पूर्वोत्तर रेलवे: 55 हजार कर्मियों को 78 दिन का बोनस, 2022 में पूरा होगा विद्युतीकरण
Thu, 07 Oct 2021 03:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 03:06 PM IST
सार
महाप्रबंधक कक्ष में बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बीच रेलकर्मियों ने जिस तरह ट्रेनों का संचालन किया, वह सराहनीय है।
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प्रेस वार्ता में बोलते महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे बोर्ड से मिले निर्देश के क्रम में एनई रेलवे के समूह ग और घ के 55 हजार रेलकर्मियों को 78 दिन का बोनस दिया जाएगा। अधिकतम बोनस 17951 रुपये देने का फैसला लिया गया है। महाप्रबंधक कक्ष में बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बीच रेलकर्मियों ने जिस तरह ट्रेनों का संचालन किया, वह सराहनीय है। कोरोना महामारी ने 111 कर्मचारियों को हमसे छीन लिया। इनमें 109 मृतक आश्रितों को महज दो महीने के अंदर नौकरी दे दी गई है। एक मामले में चयन की प्रक्रिया चल रही है। जबकि एक मामला विवाद के कारण लंबित है। सभी मृत रेलकर्मियों के आश्रितों को कर्मचारी कल्याण निधि से दो-दो लाख की सहायता राशि भी दी जा रही है। कहा कि रेलकर्मी कोरोना से पूरी तरह से सुरक्षित रहे। इसके लिए अभी तक 46776 रेलकर्मियों एवं 54327 रेल आश्रितों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। जबकि 23934 रेलकर्मियों एवं 36996 रेल आश्रितों को दोनों डोज लग गई है।
30 सितंबर तक 364 रेलकर्मियों को दिया गया है प्रमोशन
महाप्रबंधक ने बताया वर्ष 2021 में 30 सितंबर तक कुल 787 कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ दिया जा चुका है। इसके साथ ही 364 कर्मचारियों प्रमोशन भी दिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे पर कोविड-19 संक्रमण के दौरान 39 चिकित्सक और 14 पैरामेडिकल स्टाफ संविदा के आधार पर नियुक्त किए गए हैं। 50 पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थायी नियुक्ति की गई है।
2020-21 में 561 किलोमीटर पर विद्युतीकरण का काम हुआ पूरा
महाप्रबंधक ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 561.36 रूट किलोमीटर ट्रैक पर विद्युतीकरण काम पूरा कर लिया गया है। मऊ-आजमगढ़ (43 किमी), आनंदनगर-नौतनवां (40 किमी) एवं औंड़िहार-डोभी (23 किमी) खंड के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। अभी तक पूर्वोत्तर रेलवे पर कुल 2370 रूट किमी के विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है।
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30 सितंबर तक 364 रेलकर्मियों को दिया गया है प्रमोशन
महाप्रबंधक ने बताया वर्ष 2021 में 30 सितंबर तक कुल 787 कर्मचारियों को एमएसीपी का लाभ दिया जा चुका है। इसके साथ ही 364 कर्मचारियों प्रमोशन भी दिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे पर कोविड-19 संक्रमण के दौरान 39 चिकित्सक और 14 पैरामेडिकल स्टाफ संविदा के आधार पर नियुक्त किए गए हैं। 50 पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थायी नियुक्ति की गई है।
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2020-21 में 561 किलोमीटर पर विद्युतीकरण का काम हुआ पूरा
महाप्रबंधक ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 561.36 रूट किलोमीटर ट्रैक पर विद्युतीकरण काम पूरा कर लिया गया है। मऊ-आजमगढ़ (43 किमी), आनंदनगर-नौतनवां (40 किमी) एवं औंड़िहार-डोभी (23 किमी) खंड के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। अभी तक पूर्वोत्तर रेलवे पर कुल 2370 रूट किमी के विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है।
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2022 में पूर्वोत्तर रेलवे में पूरी तरह से विद्युतीकरण हो जाएगा
महाप्रबधंक ने बताया कि 2022 में पूर्वोत्तर रेलवे में पूरी तरह से विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा। इस दिशा में तेजी से काम भी चल रहा है। वर्ष 2021-22 में आनंदनगर-गैसड़ी-गोंडा 180 किलोमीटर, गोंडा-बहराइच 60 किमी, शाहजहांपुर-पीलीभीत 84 किमी, आजमगढ़-शाहगंज 54 किमी, लखीमपुर-मैलानी 60 किमी, मैलानी-शाहगढ़ 43 किमी भोजीपुरा-काठगोदाम 89 किमी और रामपुर-लालकुंआ 69 किमी का विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके 75 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं।
रेलवे अस्पताल में 16 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड तैयार
महाप्रबंधक ने बताया कि कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी रेलवे अस्पताल ने कर ली है। अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा चुके हैं। साथ ही 16 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड भी बनकर तैयार किया जा चुका है। मुख्यालय सहित तीनों मंडलों में स्थित रेलवे चिकित्सालयों में ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित कर दिया गया है।
बजट आएगा तो होगा खलीलाबाद-बहराइच रेलवे लाइन पर काम
सीपीआरओ पकंज कुमार सिंह ने बताया कि खलीलाबाद-बहराइच रेलवे लाइन के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट मिला था। इस रेलवे लाइन की डीपीआर बनाकर भेजी गई है। कितनी जमीन चाहिए, इसकी जानकारी भी प्रशासन को दे दी गई है। बजट के अभाव में इस पर काम नहीं हो पा रहा है। बजट आते ही काम शुरू किया जाएगा।
रेलवे अस्पताल में 16 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड तैयार
महाप्रबंधक ने बताया कि कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी रेलवे अस्पताल ने कर ली है। अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा चुके हैं। साथ ही 16 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड भी बनकर तैयार किया जा चुका है। मुख्यालय सहित तीनों मंडलों में स्थित रेलवे चिकित्सालयों में ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित कर दिया गया है।
बजट आएगा तो होगा खलीलाबाद-बहराइच रेलवे लाइन पर काम
सीपीआरओ पकंज कुमार सिंह ने बताया कि खलीलाबाद-बहराइच रेलवे लाइन के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट मिला था। इस रेलवे लाइन की डीपीआर बनाकर भेजी गई है। कितनी जमीन चाहिए, इसकी जानकारी भी प्रशासन को दे दी गई है। बजट के अभाव में इस पर काम नहीं हो पा रहा है। बजट आते ही काम शुरू किया जाएगा।