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हवा का हाल: 750 क्विंटल बारूद उगलेगा धुआं तो सांस लेना भी हो जाएगा दूभर, रखिए ख्याल...और बदतर होंगे हालात

Fri, 10 Nov 2023 01:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 10 Nov 2023 01:00 PM IST
सार

गोरखपुर जिले में पटाखों की 670 दुकानें लगनी हैं। हर दुकान पर करीब 50 किलो बारूद होने का अनुमान है। कुल करीब 335 क्विंटल बारूद इन दुकानों पर मौजूद है। जानकारों के अनुसार इससे भी ज्यादा बारूद शहर के कई इलाकों में मौजूद अवैध दुकानों में है।

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750 quintals of gunpowder will spew smoke and even breathing will become difficult
गोरखपुर में प्रदूषण के कारण छाई धुंध। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदूषण पर अंकुश की लाख कवायदों के बीच एक चिंता वाली खबर है। दिवाली पर जिले भर में लगभग 750 क्विंटल बारूद से पटाखे तैयार हो चुके हैं। जाहिर है पटाखे का शोर और धुआं गोरक्षनगरी में वायु प्रदूषण के हालात और बदतर करेगा। ऐसे में शहरवासियों को सजग रहने की जरूरत है। कोशिश यही हो कि दु दिवाली और अन्य त्योहारों पर उन्हीं पटाखों का इस्तेमाल हो, जिससे प्रदूषण कम से कम हो।

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प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में पटाखों की 670 दुकानें लगनी हैं। हर दुकान पर करीब 50 किलो रु बारूद होने का अनुमान है। कुल करीब 335 क्विंटल बारूद इन दुकानों पर मौजूद है। जानकारों के अनुसार इससे भी ज्यादा बारूद शहर के कई इलाकों में मौजूद अवैध दुकानों में है।
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इसके अलावा गोदाम भी हैं, जहां से पटाखे बेचे जाते हैं। अब बारूद की कुल खरीद कीमत देखें तो सात से आठ करोड़ रुपये हैं। व्यापारी बताते हैं, तीन से चार गुना की बचत है, यानी पटाखों की कीमत 24 करोड़ रुपये पहुंच जाएगी। अगर सभी पटाखे बिके तो एक दिन में 24 करोड़ रुपये हवा में धुआं बनकर उड़ जाएंगे और शोर के साथ वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ना तय है।
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जानकारी के मुताबिक, जिले में 13 जगहों पर पटाखे की दुकानें लगनी हैं, जिसके लिए 670 लाइसेंस जारी होने हैं। इस साल किसी नए को दुकान लगाने की अनुमति तो नहीं दी जा रही है, लेकिन इतने दुकान तो तय हैं । अब ये दुकानदार अपने साथ 50 किलो तक बारूद के पटाखे ला सकते हैं।

देवरिया, कुशीनगर के लोग भी गोरखपुर में दुकान लगाते हैं और वह वहीं से पटाखा लेकर आते हैं। यानी धरतेरस से पूरी तरह से दुकानें सज जाएंगी तो जिले में बारूद का ढेर हो जाएगा और उसे संभालने के लिए पुलिस व अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारी भी कर ली है। शहर में 10 से 12 नवंबर तक पटाखे की दुकानें लगाई जाएंगी। अभी तक 50 को एनओसी मिल चुकी है। प्रशासन और अग्निशमन विभाग की तरफ से नए को एनओसी नहीं मिलेगी।

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पटाखों की दुकानों पर इन नियमों का रखना होगा ध्यान

  • चिह्नत स्थलों पर लगने वाली दुकानों के बीच में नौ वर्गमीटर की दूरी होनी चाहिए।
  • दुकानें टिनशेड की होंगी, किसी तरह का कोई कपड़ा या टेंट नहीं लगाना है।
  • दो दुकानों के बीच में 200 लीटर पानी, 100 फीट बालू और फायर सिस्टम रखना अनिवार्य है।
  • कोई भी दुकानदार पटाखे का टेस्ट नहीं करेगा।
  • अग्निशमन विभाग की तरफ से दुकान लगने वाले स्थानों पर 18 छोटे-बड़े वाहनों के साथ दमकल कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
  • पांच फायर बुलेट पर कर्मचारी लगातार गश्त पर रहेंगे और कहीं भी आगलगी की घटना को काबू करने में मदद करेंगे।
  • अग्निशमन विभाग की तरफ से लोगों को जागरूक करते हुए पंफलेट का वितरण किया जाएगा।

 
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