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Nepal Flood: नारायणी के उफान से 600 घर पानी से घिरे, पलायन कर रहे लोग
Fri, 07 Oct 2022 04:35 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 07 Oct 2022 04:35 PM IST
सार
तहसीलदार वाचस्पति सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए नाव लगा दी गई है। राजस्व कर्मियों को भी क्षेत्र में मुस्तैद कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों के भोजन और बिस्तर के इंतजाम करा दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
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महराजगंज में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
नेपाली क्षेत्र में भारी बारिश के चलते बाल्मीकि नगर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से नारायणी नदी उफान पर है। जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती क्षेत्र के लोग हलकान हैं। करीब छह मुसहर बस्तियों के छह सौ घर पानी से घिर चुके हैं। संपर्क मार्ग डूब जाने से ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। नदी के जलस्तर में वृद्धि से 40 हजार की आबादी प्रभावित है। धान व गन्ने की फसल डूब गई है।
बाढ़ पीड़ित मोहन मुसहर, चंद्रिका प्रसाद, केशव मुसहर, रमावती आदि ने कहा कि नेपाल के बाल्मीकि नगर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण नारायणी नदी और टेल फाल नहर का जलस्तर लगभग पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। तटवर्तीय इलाकों में बसे मुसहर गांव गेड़हवा, कनमिसवा, भेड़ियारी, सकरदीन्ही, बलुआ टोला, औरहवा और बैरा टोला के छह सौ घर बाढ़ की पानी के चपेट में हैं।
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इन क्षेत्रों के संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए हैं। इससे परेशान ग्रामीण गृहस्थी का सामान लेकर नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों को बंद कर दिया गया है।
बाढ़ की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार वाचस्पति सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए नाव लगा दी गई है। राजस्व कर्मियों को भी क्षेत्र में मुस्तैद कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों के भोजन और बिस्तर के इंतजाम करा दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
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बाढ़ पीड़ित मोहन मुसहर, चंद्रिका प्रसाद, केशव मुसहर, रमावती आदि ने कहा कि नेपाल के बाल्मीकि नगर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण नारायणी नदी और टेल फाल नहर का जलस्तर लगभग पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। तटवर्तीय इलाकों में बसे मुसहर गांव गेड़हवा, कनमिसवा, भेड़ियारी, सकरदीन्ही, बलुआ टोला, औरहवा और बैरा टोला के छह सौ घर बाढ़ की पानी के चपेट में हैं।
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इन क्षेत्रों के संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गए हैं। इससे परेशान ग्रामीण गृहस्थी का सामान लेकर नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों को बंद कर दिया गया है।
बाढ़ की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार वाचस्पति सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए नाव लगा दी गई है। राजस्व कर्मियों को भी क्षेत्र में मुस्तैद कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों के भोजन और बिस्तर के इंतजाम करा दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।