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Gorakhpur News: नेपाल में अभी भी 4382 लापता, 5005 लोगों को सेना ने बचाया
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गोरखपुर। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के 12 दिन बाद भी राहत और खोज अभियान जारी है। दूर-दराज के इलाकों से बरामद क्षत-विक्षत शवों और मानव अवशेषों की पहचान प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 5006 लोगों को सकुशल निकाला गया है और अभी 4382 लोग लापता हैं।
नेपाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, आपदा के बाद 9388 लोगों के लापता होने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। इनमें से करीब 5006 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला जा चुका है। बचाए गए लोगों में 410 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, 4382 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में खोज अभियान को और तेज किया गया है।
बारिश के बाद बढ़ रही नेपाल की नदियां : नेपाल में लगातार हुई बारिश के बाद पहाड़ी जिले की नदियां बढ़ गई हैं। गोरखा में रविवार सुबह थेरांग नदी में बाढ़ आ गई। इसके बाद प्रशासन ने बूढ़ी गंडकी नदी के बेसिन में अलर्ट जारी किया है। हालांकि, हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। वहीं, त्रिशूली और नारायणी नदी में भी पानी बढ़ने लगा है। इसके चलते लोगों में भय का माहौल है।
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21 हजार से ज्यादा जवान रेस्क्यू में जुटे : आपदा के बाद बड़े पैमाने पर सेना और नेपाल पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। आंकड़ों के अनुसार, 21,402 सेना के जवान और नेपाल पुलिस के सुरक्षाकर्मी विभिन्न इलाकों में रेस्क्यू और खोज अभियान चला रहे हैं। कई दुर्गम क्षेत्रों में सड़क और पुल टूटने के कारण अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
टैटू और बालों के रंग से पहचान की कोशिश : नेपाल पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर 152 ऐसे अज्ञात शवों की तस्वीरें भी अपलोड की हैं, जिनकी पहचान टैटू, कद-काठी, बालों के रंग और शरीर पर मौजूद अन्य निशानों के आधार पर की जा सकती है।
पुलिस इन तस्वीरों के जरिए परिजन से शवों की पहचान कराने की कोशिश कर रही है। डीएनए मिलान के बाद पहचान की पुष्टि होने पर शवों को उनके परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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नेपाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, आपदा के बाद 9388 लोगों के लापता होने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। इनमें से करीब 5006 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला जा चुका है। बचाए गए लोगों में 410 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, 4382 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में खोज अभियान को और तेज किया गया है।
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बारिश के बाद बढ़ रही नेपाल की नदियां : नेपाल में लगातार हुई बारिश के बाद पहाड़ी जिले की नदियां बढ़ गई हैं। गोरखा में रविवार सुबह थेरांग नदी में बाढ़ आ गई। इसके बाद प्रशासन ने बूढ़ी गंडकी नदी के बेसिन में अलर्ट जारी किया है। हालांकि, हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। वहीं, त्रिशूली और नारायणी नदी में भी पानी बढ़ने लगा है। इसके चलते लोगों में भय का माहौल है।
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21 हजार से ज्यादा जवान रेस्क्यू में जुटे : आपदा के बाद बड़े पैमाने पर सेना और नेपाल पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। आंकड़ों के अनुसार, 21,402 सेना के जवान और नेपाल पुलिस के सुरक्षाकर्मी विभिन्न इलाकों में रेस्क्यू और खोज अभियान चला रहे हैं। कई दुर्गम क्षेत्रों में सड़क और पुल टूटने के कारण अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
टैटू और बालों के रंग से पहचान की कोशिश : नेपाल पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर 152 ऐसे अज्ञात शवों की तस्वीरें भी अपलोड की हैं, जिनकी पहचान टैटू, कद-काठी, बालों के रंग और शरीर पर मौजूद अन्य निशानों के आधार पर की जा सकती है।
पुलिस इन तस्वीरों के जरिए परिजन से शवों की पहचान कराने की कोशिश कर रही है। डीएनए मिलान के बाद पहचान की पुष्टि होने पर शवों को उनके परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।