गोरखपुर: अब तक 400 से ज्यादा टाले गए ऑपरेशन, गंभीर मरीजों को मिल रही है ये सुविधा
कोरोना की तीसरी लहर में केवल गंभीर मरीजों का ही किया जा रहा ऑपरेशन, सामान्य ऑपरेशन वाले मरीजों को दिया जा रहा है समय।
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कोरोना की तीसरी लहर के बीच सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में अब तक 400 से ज्यादा ऑपरेशन (सर्जरी) टाले जा चुके हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सबसे अधिक 40 से 50 ऑपरेशन प्रतिदिन होते थे, अब केवल जटिल ऑपरेशन किए जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों का ही ऑपरेशन किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों को मिलाकर, हर रोज शहर में छोटे-बड़े करीब 300 ऑपरेशन होते थे। फिलहाल सभी जगहों पर गंभीर और जरूरी मरीजों के ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। हालांकि, पहली और दूसरी लहर की तुलना में इस बार ऑपरेशन एकदम बंद नहीं किए गए हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि पहली और दूसरी लहर में स्थिति ज्यादा गंभीर थी। पहली लहर में लॉकडाउन भी लग गया था। ओपीडी भी बंद कर दी गई थी। केवल इमरजेंसी मरीजों का इलाज किया जा रहा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। तीसरी लहर में ओपीडी चल रही है। सतर्कता बरतते हुए ऑपरेशन से पहले मरीजों की कोरोना जांच की जा रही है, रिपोर्ट निगेटिव आने पर ऑपरेशन किया जा रहा है।
लॉकडाउन में टाले गए थे छह हजार से अधिक ऑपरेशन
कोरोना की पहली लहर में लॉकडाउन के दौरान जिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी गई थी। केवल इमरजेंसी में ही मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा था। इस तरह छह हजार से अधिक ऑपरेशन टाले गए थे।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आर्थो सर्जन प्रो. डॉ अमित मिश्रा ने कहा कि पहली और दूसरी लहर की तुलना में इस बार ऑपरेशन ज्यादा नहीं टाले जा रहे हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। इलेक्टिव सर्जरी के लिए मरीजों को कुछ दिन के लिए रोक दिया जा रहा है। इसकी वजह से प्रतिदिन दो से तीन मरीज लौटाएं जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के प्रभारी एसआईसी डॉ जेएसपी सिंह ने कहा कि सर्जरी से पहले मरीजों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट निगेटिव होने पर सर्जरी की जा रही है। पॉजिटिव आने पर सर्जरी रोक दी जा रही है। सामान्य ऑपरेशन के लिए कुछ दिन का समय दिया जा रहा है।