Gorakhpur News: 76 लाख के गबन में फंसे 33 डाक कर्मियों पर लटक रही बर्खास्तगी की तलवार, सहमे हैं डाक कर्मचारी
एसएसपी डाक मनीष कुमार ने कहा कि सभी को विभागीय प्रक्रिया के तहत चार्जशीट जारी की जाएगी। इसी आधार पर जवाब मांगेंगे। दोषी कर्मचारियों द्वारा जवाब देने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधान डाकघर समेत चार उप डाकघरों के निष्क्रिय खातों से निकाले गए 76 लाख रुपये के गबन के मामले में दोषी पाए गए 33 कर्मचारियों पर अब बर्खस्तागी की तलवार लटक रही है। केंद्रीय कर्मचारी नियमावली की धारा 14 के तहत इसकी सुनवाई प्रक्रिया चल रही है। मामले में 23 हजार खातों की और जांच हो रही है। मंगलवार को डाक विभाग के सभी दफ्तरों में हड़कंप मचा रहा।
स्पेशल जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद अब इन कर्मचारियों गर्दन फंस गई है। मुख्य डाकघर के अलावा अन्य डाकघरों के छोटे कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते, उन्हें इस मामले में सहायक दोषी माना गया है। डाक विभाग काे अब शक है कि कुछ और खातों से गबन किया गया है। इसी शक की बुनियाद पर अब 23 हजार खातों की और जांच हो रही है।
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गोपनीय टीम इन खातों के लेनदेन पर लंबे समय से नजर बनाए हुए है। सूत्रों के मुताबिक कुछ निष्क्रिय खातों के संचालन का मामला भी पकड़ा गया है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय कर्मचारी नियमावली की धारा 14 व 16 के तहत सुनवाई के बाद ही सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी डाक मनीष कुमार ने कहा कि सभी को विभागीय प्रक्रिया के तहत चार्जशीट जारी की जाएगी। इसी आधार पर जवाब मांगेंगे। दोषी कर्मचारियों द्वारा जवाब देने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुछ अपनी आईडी देकर बन गए आरोपी
दोषी कर्मचारियों में कइयों ने खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी आईडी दूसरे कर्मचारी को दे दी और उसी आईडी से रूपयों का हेरफेर किया गया। लेकिन, विभागीय आईडी गोपनीय होती है, उसे दूसरे को देना भी गलत है। लिहाजा, ऐसे लोगों को भी दोषी बनाया गया है।
एसएसपी दफ्तर के बाहर दिखे नेता
एसएसपी दफ्तर के बाहर मंगलवार को दो गाड़ियों में पार्टी के नेता देखे गए। विभागीय लोगों ने बताया कि ये लोग एसएसपी से डाक विभाग में गड़बड़ी के बारे में जानकारी लेना चाह रहे थे। एसएसपी अन्य बैठकों में व्यस्त थे, लगभग एक घंटे इंतजार के बाद नेता वापस चले गए। चर्चा है कि नेता जी मामले में दोषी कर्मचारियों के लिए बात करने आए थे।