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Gorakhpur News:गोरखपुर में 76 लाख रुपये के गबन में 33 डाककर्मी दोषी, फंसे हैं 300 करोड़
Tue, 02 May 2023 11:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 May 2023 11:23 AM IST
सार
प्रवर डाक अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि गबन के कुछ मामलों में विभागीय जांच चल रही थी। रिपोर्ट के आधार पर 33 लोगों को अलग-अलग वर्ग का दोषी पाया गया है। सभी को चार्जशीट जारी करने के साथ ही उनसे पक्ष लिया जाएगा। संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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Gorakhpur Post office
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
प्रधान डाकघर समेत जिले के चार उप डाकघरों में लोगों के खातों से 76 लाख रुपये का गबन पकड़ा गया है। एक साल तक चली विभागीय जांच में 33 कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। इसमें डाक सहायक पद पर तैनात आठ कर्मचारियों को विभाग ने मुख्य दोषी माना है। जबकि, पांच को सहदोषी और 20 कर्मचारियों को सहायक दोषी मानते हुए सभी के खिलाफ चार्जशीट जारी की गई है और अगली कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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तकरीबन डेढ़ साल पहले पोस्ट मास्टर जनरल को एक अनजान पत्र से शिकायत मिली कि आपके यहां कार्यरत एक कर्मचारी निष्क्रिय खाते को फर्जी तरीके से चालू करवा कर रूपये निकाल रहा है। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए पोस्ट मास्टर जनरल ने जांच बैठा दी। जांच में यह बात सामने आई कि प्रधान डाकघर में कार्यरत कर्मचारी के पिता का निधन वर्ष 2018 में हो गया था। बाद में उसकी मां का भी निधन हो गया। मां ही नामिनी थी।
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ऐसे में मां की मौत की जानकारी छिपाकर उसने पिता के पेंशन खाता संख्या 3473656309 को 12 मई 2020 को प्रधान डाकघर में स्थानांतरित करा लिया। तत्कालीन पोस्टमास्टर व सिस्टम मैनेजर के सहयोग से खाते को सक्रिय कराकर उसमें अपना नाम भी जुड़वा लिया। इतना ही नहीं खाते पर एटीएम कार्ड जारी करा लिया। डाककर्मी हर महीने विड्राल फार्म व एटीएम कार्ड के माध्यम से पेंशन निकालता रहा। जब मामला पकड़ में आया तो अफसरों ने पूछताछ भी की, लेकिन वह अपनी करतूत से मुकरता रहा।
वहीं, महानगर के तीन उप डाकघरों में सैकड़ों निष्क्रिय खातों से 92 लाख रुपये गायब हुए थे। इसकी जांच भी चल रही थी। इसी बीच आरोग्य मंदिर उप डाकघर से पेंशन खाते से आठ लाख रुपये गायब करने का मामला भी सामने आ गया। इन सभी मामलों में एसएसपी, डाक ने चार लिपिकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए कैंट थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया। साथ ही पोस्ट मास्टर जनरल ने विभागीय जांच बैठा दी। जांच टीम में प्रधान डाकघर के अलावा लखनऊ और एसएसपी डॉक के कार्यालय में तैनात अधिकारियों को रखा गया। अब एक साल की जांच के बाद रिपोर्ट जांच टीम ने सौंपी है।
प्रवर डाक अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि गबन के कुछ मामलों में विभागीय जांच चल रही थी। रिपोर्ट के आधार पर 33 लोगों को अलग-अलग वर्ग का दोषी पाया गया है। सभी को चार्जशीट जारी करने के साथ ही उनसे पक्ष लिया जाएगा। संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
ये हैं मुख्य आरोपी
शैलेष सिंह, अमरजीत, पीसी पांडेय, प्रभात त्रिपाठी, गया प्रसाद, गितेश पांडेय, एमपी तिवारी
प्रवर डाक अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि गबन के कुछ मामलों में विभागीय जांच चल रही थी। रिपोर्ट के आधार पर 33 लोगों को अलग-अलग वर्ग का दोषी पाया गया है। सभी को चार्जशीट जारी करने के साथ ही उनसे पक्ष लिया जाएगा। संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
ये हैं मुख्य आरोपी
शैलेष सिंह, अमरजीत, पीसी पांडेय, प्रभात त्रिपाठी, गया प्रसाद, गितेश पांडेय, एमपी तिवारी