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धान खरीद में 40 लाख का घोटाला, दो अफसर समेत 14 पर एफआईआर
Mon, 20 Jan 2020 10:15 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चौरीचौरा (गोरखपुर)।
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चौरीचौरा (गोरखपुर)।
Published by: विजय जैन
Updated Mon, 20 Jan 2020 10:15 PM IST
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हाटा शाखा चौरीचौरा एवं गौनर क्रय केंद्रों पर धान खरीद में 40 लाख घोटाला का मामला उजागर हुआ है। पुलिस तब यहां पर तैनात रहे अफसर वर्तमान में वरिष्ठ विपणन निरीक्षण सिद्धार्थनगर उमेश मणि त्रिपाठी, जिला विपणन अधिकारी सिद्धार्थनगर संजय पांडेय समेत 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
उप्र सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सभी के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश और बेईमानी की नियत से फर्जी कागजात को जानबूझ कर असली दर्शाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
थाने में दर्ज केस के मुताबिक मामला वित्तीय वर्ष 2011-12 का है। दोनों क्रय केंद्रों पर 11 भूमिहीनों जय दयाल, जुगुल प्रजापति, भगवानी, फुलमती देवी, ध्रुव नारायण, सुरेश्वर, अखिलेश्वर, विनय कुमार पांडेय, अशोक कुमार पांडेय एवं अशोक कुमार तिवारी को किसान दिखाकर 1629.20 क्विंटल धान का क्रय मूल्य करीब 40 लाख रुपये दिखा कर उनके बैंक खाते से भुगतान करा लिया गया है।
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विजिलेंस विभाग के अनुसार यह वित्तीय अनियमितता व अपराध की श्रेणी में आता है। इस भ्रष्टाचार के लिए तत्कालीन विपणन निरीक्षक धान क्रय केन्द्र चौरी चौरा गौनर उमेश मणि व तत्कालीन जिला विपणन अधिकारी गोरखपुर संजय पांडेय तथा ग्यारह भूमिहीन व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। विजिलेंस विभाग की ओर से शासन से केस चलाने की अनुमति मांगी गई थी। शासन से हरी झंडी होने के बाद विजिलेंस की ओर से केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
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उप्र सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सभी के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश और बेईमानी की नियत से फर्जी कागजात को जानबूझ कर असली दर्शाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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थाने में दर्ज केस के मुताबिक मामला वित्तीय वर्ष 2011-12 का है। दोनों क्रय केंद्रों पर 11 भूमिहीनों जय दयाल, जुगुल प्रजापति, भगवानी, फुलमती देवी, ध्रुव नारायण, सुरेश्वर, अखिलेश्वर, विनय कुमार पांडेय, अशोक कुमार पांडेय एवं अशोक कुमार तिवारी को किसान दिखाकर 1629.20 क्विंटल धान का क्रय मूल्य करीब 40 लाख रुपये दिखा कर उनके बैंक खाते से भुगतान करा लिया गया है।
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विजिलेंस विभाग के अनुसार यह वित्तीय अनियमितता व अपराध की श्रेणी में आता है। इस भ्रष्टाचार के लिए तत्कालीन विपणन निरीक्षक धान क्रय केन्द्र चौरी चौरा गौनर उमेश मणि व तत्कालीन जिला विपणन अधिकारी गोरखपुर संजय पांडेय तथा ग्यारह भूमिहीन व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। विजिलेंस विभाग की ओर से शासन से केस चलाने की अनुमति मांगी गई थी। शासन से हरी झंडी होने के बाद विजिलेंस की ओर से केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।