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गोरखपुर: बिना ई-वे बिल के बस से ले जा रहे थे 21 पेटी सामान, जीएसटी टीम ने पकड़ा
Thu, 21 Sep 2023 02:42 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 21 Sep 2023 02:42 PM IST
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GST
- फोटो : Istock
बाहर से बिना ई-वे बिल के गोरखपुर आ रहे सामान को वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) की एसआईबी टीम ने पकड़ लिया। बस में यात्रियों के साथ 21 पेटी सामान रखे मिले। इसका का न तो बिल था और न ही ई-वे बिल डाउनलोड मिला। यात्रियों को उतारने के बाद बस को जीएसटी दफ्तर भेज दिया गया।
जीएसटी की टीम को सूचना मिली कि दिल्ली और जयपुर से बिना कागजों के बस पर सामान लादकर गोरखपुर और आस-पास के जिलों में भेजा जा रहा है। सूचना पर जीएसटी की एसआईबी टीम ने मंडल में प्रवेश द्वार पर रेकी करनी शुरू कर दी।
इस दौरान बस्ती टोल के पास एक बस आते दिखी। एसआईबी की टीम बस का पीछा करने लगी। खलीलाबाद के पास सोनी होटल के सामने बस खाली हो गई तो टीम ने जांच की। इस दौरान 21 पेटी सामान मिले। इसमें जिंस के रैपर, कैंची, बिजली के उपकरण और अन्य सामान पैक थे। बस को जीएसटी दफ्तर लाया गया।
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अवैध तरीके से माल की ढुलाई पर आरटीओ ने भी 35 हजार रुपये से अधिक का चालान किया है। भौतिक सत्यापन के बाद जीएसटी भी कर जमा कराएगा। अनुमानित, डेढ़ लाख रुपये का कर जमा कराया जा सकता है। एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड टू देवमणि शर्मा ने बताया कि एसआईबी की टीम ने होटल के पास से बस को पकड़ा है। मूल्यांकन करवाया जा रहा है।
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जीएसटी की टीम को सूचना मिली कि दिल्ली और जयपुर से बिना कागजों के बस पर सामान लादकर गोरखपुर और आस-पास के जिलों में भेजा जा रहा है। सूचना पर जीएसटी की एसआईबी टीम ने मंडल में प्रवेश द्वार पर रेकी करनी शुरू कर दी।
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इस दौरान बस्ती टोल के पास एक बस आते दिखी। एसआईबी की टीम बस का पीछा करने लगी। खलीलाबाद के पास सोनी होटल के सामने बस खाली हो गई तो टीम ने जांच की। इस दौरान 21 पेटी सामान मिले। इसमें जिंस के रैपर, कैंची, बिजली के उपकरण और अन्य सामान पैक थे। बस को जीएसटी दफ्तर लाया गया।
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अवैध तरीके से माल की ढुलाई पर आरटीओ ने भी 35 हजार रुपये से अधिक का चालान किया है। भौतिक सत्यापन के बाद जीएसटी भी कर जमा कराएगा। अनुमानित, डेढ़ लाख रुपये का कर जमा कराया जा सकता है। एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड टू देवमणि शर्मा ने बताया कि एसआईबी की टीम ने होटल के पास से बस को पकड़ा है। मूल्यांकन करवाया जा रहा है।