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न जमीन अधिगृहीत हुई और न मिला मुआवजा: 200 मकान और दुकानें रामजानकी मार्ग की जद में, खुद ही तोड़ रहे लोग

Fri, 02 Jun 2023 06:23 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 02 Jun 2023 06:23 AM IST
सार

रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 60 से ज्यादा मकानों को चिह्नित किया गया है। लेकिन, विभाग की ओर से न तो किसी को कोई नोटिस मिला है और न अभी कोई मुआवजे की रकम की बात सामने आई है। इस बीच कुछ लोगों ने अपने से ही मकान को तोड़ दिया।

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200 houses and shops in JD of Ramjanki Marg gorakhpur
गोरखपुर रामजानकी मार्ग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अयोध्या से जनकपुर तक रामजानकी मार्ग बनाने के लिए जिले में 40 किमी लंबी सड़क को 18 महीने में बनाना था। 14 महीने हो गए हैं जमीन अधिग्रहण के लिए गजट जारी हुए, अभी तक नेशनल हाईवे को न तो जमीन मिली है और न ही इसके लिए किसानों व लोगों को मुआवजे की रकम दी गई। करीब दो सौ घर और दुकानें सड़क की जद में हैं। कुछ जगहों पर जमीन चिह्नित कर लाल निशान लगा दिया गया है, जबकि कुछ जगहों पर यह भी नहीं हुआ।

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उरुवा में बहुत सारे लोगों ने लाल निशान देखकर अपने घर व दुकान तोड़ डाले। वहीं बड़हलगंज और सिकरीगंज में लोग अभी दहशत में हैं कि कहीं उन्हें सपनों के आशियाने को जमींदोज न करना पड़े। वहीं, खुद नेशनल हाईवे के अफसर भी मान रहे हैं कि बरसात के चलते चार महीने बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। यानी कि रामजानकी मार्ग के फोर लेन बनने में लंबा वक्त लग सकता है। इसके चलते लोगों की खुशी अभी अधूरी ही रहेगी।
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नेशनल हाईवे ने 18 जनवरी 2022 को जमीन अधिग्रहण के लिए गजट जारी किया था। अब तक सिर्फ जमीन ही चिह्नित हो पाई है। बड़हलगंज इलाके में जगह-जगह लाल निशान लगाए गए हैं। खेतों में पत्थरनशी हो चुकी है। कहीं-कहीं सड़क के किनारे पेड़ों की कटान भी कराई जा रही है। मदरिया से कुरांव तक करीब 50 से ज्यादा मकान और दुकान सड़क की जद में आ रहे हैं।
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खेतों में पत्थर लगा कर छोड़ दिए

कुरांव, सिधुआपार, दुर्गापुर, रामपुर गनेशी, मरवट सहित अन्य गांवों के करीब दो दर्जन किसानों के खेत में विभाग ने पत्थर लगा कर छोड़ दिए हैं। अब तक मुआवजा भी नहीं मिला है और न ही एनएच की ओर से कोई पत्र। ऐसे में पत्थर लगा देने से किसान उहापोह में हैं। धान की फसल की बुवाई करने से भी डर रहे हैं। किसान राम अवध यादव, नक्षत्र यादव, रामधनी पहलवान, नरेंद्र ने बताया कि उनके खेत में छह माह पहले पत्थर लगाया गया, लेकिन अब तक विभाग का कोई सुधि लेने नहीं आया।

एनएच के अधिशासी अभियंता प्रभात कुमार ने कहा कि मुआवजे की प्रक्रिया चल रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों से बात हुई है। वे जल्द ही खंभे और तार हटा लेंगे। बरसात के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इस बीच जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया करा ली जाएगी।

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लोगों ने क्या कहा
मेरे गांव रामपुर गनेशी में मेरा चार बीघा जमीन रामजानकी मार्ग में पड़ रहा है। अभी यह तय नहीं है कि किस सर्किल रेट से मुआवजा मिलेगा। अभी तक मुआवजे को लेकर किसी ने संपर्क ही नहीं साधा है। नागेंद्र सिंह, संसारपार।

दो मंजिला मकान में हीरो कंपनी का शोरूम है। एनएच की ओर से मकान का कुछ हिस्सा सड़क में आएगा। एक बार विभाग के लोग चिह्नित करने आए थे, उसके बाद किसी ने संपर्क ही नहीं किया। अब हम लोग भी परेशान हैं कि मुआवजा कितना देंगे और कब।-उमेश उर्फ ललकू पांडेय, कल्याणपुर।

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एनच की ओर से बहुत ही लापरवाही बरती जा रही है। अभी तक जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई ही शुरू नहीं हुई है। जबकि, 14 महीने पहले गजट हो चुका है। सड़क कब तक बनाएंगे, यह तो पता नहीं है। नवीन सिंह, उरुवा।

बहुत खुशी हुई थी कि फोरलेन बनने वाला है। अयोध्या जाने के लिए एक बेहतर मार्ग मिलेगा। लेकिन काम कब शुरू कराएंगे, यह कोई बताने वाला ही नहीं है। अब तो लोगों में आक्रोश है। -संजय ठठेरा, उरुवा।

उरुवा कस्बे में लोगों ने तोड़ दिए मकान

रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 60 से ज्यादा मकानों को चिह्नित किया गया है। लेकिन, विभाग की ओर से न तो किसी को कोई नोटिस मिला है और न अभी कोई मुआवजे की रकम की बात सामने आई है। इस बीच कुछ लोगों ने अपने से ही मकान को तोड़ दिया।

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नगर पंचायत उरुवा के चेयरमैन प्रतिनिधि नवीन सिंह उर्फ मुन्ना ने बताया कि गाटा संख्या 131, 132 में संतोष ठठेर, राधेश्याम यादव, नंदलाल जायसवाल, अवनीश जायसवाल, मारकंडेय सिंह, स्व. डॉ गुलाब सिंह ने बताया कि उनका घर सड़क की जद में आ रहा है। खुशी थी कि एक बेहतर सड़क मिल जाएगी। लेकिन अभी जो कार्य की प्रगति है, इसे देखकर तो दो साल में भी पूरा होने की उम्मीद कम है।

सिकरीगंज में लोग दहशत में
सिकरीगंज कस्बे के इकबाल अहमद, सुहेल अहमद, शाह मोहम्मद, सूरज कुमार, सुरेश ने बताया जब गजट हुआ था, तब पता चला था कि हमारा घर भी सड़क में आ रहा है। अभी तक न तो चिह्निकरण किया गया है और न ही नोटिस मिला है। घर का कितना हिस्सा जाएगा, इसका किसी को पता नहीं है। सभी लोग डरे सहमे हैं।

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