फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   2.42 crore rupees subsidy of 250 farmers stuck in Gorakhpur-Basti Mandal, not paid

सब्सिडी फंसी: पत्नी के गहने गिरवी रख खरीदे कृषि यंत्र, 2.42 करोड़ का भुगतान अटका; किसान बोले- हम कहां जाएं?

Sat, 06 Jun 2026 10:24 AM IST
Rohit Singh राजन राय, गोरखपुर
राजन राय, गोरखपुर Published by: Rohit Singh Updated Sat, 06 Jun 2026 10:24 AM IST
सार

मामला वर्ष 2024 का है। शासन की ओर से राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना में सब्सिडी वाले कृषि यंत्रों का लक्ष्य तय किया गया। इसके तहत पॉवर टिलर ( 8 हार्स पॉवर से ऊपर) पर 75 हजार, 8 हार्स पॉवर से कम की मशीन पर 50 हजार रुपये और ट्रैक्टर की खरीद पर एक लाख रुपये की सब्सिडी दी जानी थी। उद्यान विभाग के अधिकारियों ने लक्ष्य से तीन गुना तक कृषि यंत्र खरीदने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया और शासन से भी हरी झंडी मिल गई।

विज्ञापन
2.42 crore rupees subsidy of 250 farmers stuck in Gorakhpur-Basti Mandal, not paid
कृषि यंत्र( सांकेतिक)

विस्तार

 राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत गोरखपुर-बस्ती मंडल में सिस्टम की लापरवाही से गोरखपुर-बस्ती मंडल के 352 किसानों की करीब 2.42 करोड़ रुपये की सब्सिडी फंस गई है। इनमें ज्यादातर किसान गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और बस्ती जिले के हैं। दो साल पहले इन किसानों ने जिम्मेदारों के भरोसे पर कृषि यंत्र खरीद लिए पर बैंक खाते में सब्सिडी की रकम ही नहीं पहुंची।
विज्ञापन


किसानों ने जब पत्राचार किया तो पता चला कि शासन से दिए गए लक्ष्य से तीन गुना ज्यादा खरीद करवा ली गई है। ज्यादातर किसान अच्छी खेती की उम्मीद में कृषि यंत्र तो खरीद लिए पर किसी के पत्नी के जेवर बंधक हैं तो कोई बैंक से लोन लेकर कर्जदार बन गया है।
विज्ञापन

मामला वर्ष 2024 का है। शासन की ओर से राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना में सब्सिडी वाले कृषि यंत्रों का लक्ष्य तय किया गया। इसके तहत पॉवर टिलर ( 8 हार्स पॉवर से ऊपर) पर 75 हजार, 8 हार्स पॉवर से कम की मशीन पर 50 हजार रुपये और ट्रैक्टर की खरीद पर एक लाख रुपये की सब्सिडी दी जानी थी।

उद्यान विभाग के अधिकारियों ने लक्ष्य से तीन गुना तक कृषि यंत्र खरीदने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया और शासन से भी हरी झंडी मिल गई। जनवरी 2025 में किसानों से कृषि यंत्र भी खरीदवा लिए गए और बिल-बाउचर का सत्यापन कराकर भुगतान के लिए शासन को भेज दिया गया। शासन स्तर पर बजट की कमी बताकर भुगतान रोक दिया गया।

2.42 crore rupees subsidy of 250 farmers stuck in Gorakhpur-Basti Mandal, not paid
किसान अनूप मिश्रा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बोले किसान
पत्नी के जेवर रख दिए बंधक
सब्जियों की खेती के लिए पावर टिलर की जरूरत थी। जनवरी 2025 में उद्यान विभाग की योजना के तहत आवेदन किया। अधिकारियों के कहने पर पत्नी का जेवर बंधक रखकर मशीन खरीद ली। दो साल से भुगतान का आश्वासन दिया जा रहा है। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की तो बताया गया कि बजट ही नहीं है। मैं इस समय बहुत ही मानसिक तनाव में हूं, अपनी व्यथा किसे सुनाऊं:अनूप कुमार मिश्रा, बाहपुर-गोला
विज्ञापन

2.42 crore rupees subsidy of 250 farmers stuck in Gorakhpur-Basti Mandal, not paid
किसान सर्वेश मिश्रा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पावर टिलर खरीद कर हो गए कर्जदार
योजना के तहत मैंने आवेदन किया था। उद्यान विभाग से सभी कागजों का सत्यापन कराया गया और कहा गया कि आप मशीन खरीद लें। उधार लेकर डेढ़ लाख रुपये की मशीन खरीद ली। आश्वस्त किया गया कि दो माह के भीतर बैंक खाते में 50 फीसदी सब्सिडी की रकम भेज दी जाएगी। सोचा था कि सब्सिडी की रकम आएगी तो कर्ज चुका दूंगा: सर्वेश मिश्रा, भराव-गोला

वर्ष 2024 में प्रदेश के कई जिलों में लक्ष्य के सापेक्ष ज्यादा कृषि यंत्र खरीद ली गई। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत भारत सरकार की ओर से 60 प्रतिशत अनुदान की राशि दी जानी थी, जो नहीं मिली। किसानों को अब दूसरी योजना के तहत शामिल कराकर भुगतान कराने की प्रकिया चल रही है: भानु प्रकाश राम, निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग

लक्ष्य से ज्यादा कृषि यंत्र खरीदने का प्रस्ताव शासन स्तर से स्वीकृत हो गया था। भुगतान के लिए मुख्यालय को कई बार रिमाइंडर भेजा गया है: पारसनाथ, अधीक्षक जिला उद्यान विभाग

कृषि यंत्र, जिन पर मिलना था अनुदान
पॉवर टिलर ( 8 हार्स पॉवर से ऊपर) : 75 हजार
पॉवर टिलर (8 हार्स पॉवर से नीचे ) : 50000 हजार
ट्रैक्टर : एक लाख

इन जिलों में भी फंसी सब्सिडी
2024-25 में सिद्धार्थनगर में आठ एचपी से अधिक क्षमता के 109 पावर टिलर मशीन खरीदी गई, 33 का भुगतान हो पाया। आठ एचपी से कम क्षमता के 63 पावर टीलर में सिर्फ 13 का भुगतान हुआ। इसी प्रकार 10 ट्रैक्टर खरीदे गए पर किसी का भुगतान नहीं हुआ।

बस्ती में 20 किसानों ने आठ एचपी से अधिक क्षमता के 109 पावर टिलर मशीन खरीदे पर भुगतान एक का भी नहीं हो सका। कुशीनगर में आठ एचपी से अधिक के 85 पावर टिलर खरीदी गईं और भुगतान मात्र 19 किसानों को किया गया। सात किसानों ने ट्रैक्टर खरीदे और चार के खाते में सब्सिडी पहुंची।

जानिए, कहां कितने किसानों की फंसी सब्सिडी
जिला कृषि यंत्रों की संख्या रकम (लाख में)
गोरखपुर   130    84
सिद्धार्थनगर 136 92
बस्ती 20 15
कुशीनगर 66 51
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed