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Gorakhpur News: एम्स की ओपीडी में पांच साल में आए 16 लाख मरीज
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फरवरी 2019 में इस अस्पताल में शुरू हुआ था इलाज
एम्स नागपुर में 15 लाख और मंगलागिरी में 13 लाख मरीजों का हुआ है उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स ने रोगी देखभाल सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महज पांच साल में ही इस चिकित्सा संस्थान की ओपीडी में 16 लाख से अधिक मरीज आ चुके हैं। ट्रामा एंड इमरजेंसी में 11,658 और इंडोर में 11,852 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इसके अलावा 83,418 मरीजों की जांच हो चुकी है। इसके सापेक्ष एम्स नागपुर में अब तक 15 लाख और एम्स मंगलागिरी में 13 लाख मरीजों की जांच हुई है।
एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने बताया कि एम्स गोरखपुर की शुरुआत 50 एमबीबीएस छात्रों के पहले बैच में प्रवेश से हुई थी। प्रारंभ में मरीजों को ओपीडी सेवाएं आयुष भवन में दी गईं, जिसे बाद में मुख्य अस्पताल भवन में स्थानांतरित किया गया। तब से शुक्रवार 23 फरवरी तक 16 लाख (1.6 मिलियन) मरीजों की जांच हो चुकी है। अल्प संसाधनों के बावजूद कोविड-19 महामारी के दौरान मरीजों की देखभाल के लिए इस संस्थान ने अथक प्रयास किया।
कार्यकारी निदेशक ने कहा कि अभी यहां सुपर-स्पेशियलिटी विभागों की स्थापना के साथ ही अन्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लक्ष्य को लेकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय भारती, उप निदेशक प्रशासन अरुण कुमार सिंह और पीआरओ व सोशल मीडिया सलाहकार डॉ. अरूप मोहंती के कार्यों की सराहना करते हुए बधाई दी।
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एम्स नागपुर में 15 लाख और मंगलागिरी में 13 लाख मरीजों का हुआ है उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स ने रोगी देखभाल सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महज पांच साल में ही इस चिकित्सा संस्थान की ओपीडी में 16 लाख से अधिक मरीज आ चुके हैं। ट्रामा एंड इमरजेंसी में 11,658 और इंडोर में 11,852 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इसके अलावा 83,418 मरीजों की जांच हो चुकी है। इसके सापेक्ष एम्स नागपुर में अब तक 15 लाख और एम्स मंगलागिरी में 13 लाख मरीजों की जांच हुई है।
एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने बताया कि एम्स गोरखपुर की शुरुआत 50 एमबीबीएस छात्रों के पहले बैच में प्रवेश से हुई थी। प्रारंभ में मरीजों को ओपीडी सेवाएं आयुष भवन में दी गईं, जिसे बाद में मुख्य अस्पताल भवन में स्थानांतरित किया गया। तब से शुक्रवार 23 फरवरी तक 16 लाख (1.6 मिलियन) मरीजों की जांच हो चुकी है। अल्प संसाधनों के बावजूद कोविड-19 महामारी के दौरान मरीजों की देखभाल के लिए इस संस्थान ने अथक प्रयास किया।
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कार्यकारी निदेशक ने कहा कि अभी यहां सुपर-स्पेशियलिटी विभागों की स्थापना के साथ ही अन्य सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लक्ष्य को लेकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय भारती, उप निदेशक प्रशासन अरुण कुमार सिंह और पीआरओ व सोशल मीडिया सलाहकार डॉ. अरूप मोहंती के कार्यों की सराहना करते हुए बधाई दी।
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