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Gorakhpur News: वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे, तीन हजार विद्यार्थियों ने किया सामूहिक गायन
Sat, 26 Sep 2026 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 26 Sep 2026 02:47 AM IST
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गोरखपुर। वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग में नमामि भारतम अभियान के तहत भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्कूल में तीन हजार छात्र-छात्राओं और विद्यालय परिवार ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन कर राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक एकता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पीएन सिंह ने कहा कि वंदे मातरम के 150वें वर्ष के अवसर पर कार्यक्रम में शामिल होना गौरव का विषय है। आजादी की अलख जगाने में राष्ट्रगीत की भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को वंदे मातरम् के इतिहास, रचना और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान से परिचित कराया। अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. गोविंद पांडेय ने कहा कि वंदे मातरम भारत की आत्मा है। यह केवल शब्दों और स्वरों का समूह नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवपूर्ण स्मृतियों का प्रतीक है। कार्यक्रम के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। उप प्रधानाचार्य राम केवल शर्मा ने आभार जताया। संचालन आचार्य एसएन कुशवाहा ने किया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पीएन सिंह ने कहा कि वंदे मातरम के 150वें वर्ष के अवसर पर कार्यक्रम में शामिल होना गौरव का विषय है। आजादी की अलख जगाने में राष्ट्रगीत की भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को वंदे मातरम् के इतिहास, रचना और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान से परिचित कराया। अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. गोविंद पांडेय ने कहा कि वंदे मातरम भारत की आत्मा है। यह केवल शब्दों और स्वरों का समूह नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवपूर्ण स्मृतियों का प्रतीक है। कार्यक्रम के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। उप प्रधानाचार्य राम केवल शर्मा ने आभार जताया। संचालन आचार्य एसएन कुशवाहा ने किया।
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