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Gorakhpur News: रामायण पाठ में बैठे रेलवे इंजीनियर के खाते से 1.35 लाख उड़ाए
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गोरखपुर। रामायण पाठ में बैठे रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर साइबर जालसाजों का शिकार हो गए। जालसाजों ने तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में यूपीआई के जरिये उनके खातों से 1.35 लाख रुपये उड़ा दिए। मोबाइल पर निकासी का मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी की जानकारी हुई।
शाहपुर क्षेत्र के राप्तीनगर निवासी रमेश पांडेय रेलवे मुख्यालय में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि 18 मई की शाम वह रामायण पाठ में शामिल थे। इसी दौरान उनके इंडियन बैंक खाते से 35,800 रुपये और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खाते से 50-50 हजार रुपये दो बार में निकाल लिए गए। इंडियन बैंक का खाता पूरी तरह खाली हो गया। पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं किया और न ही कोई ओटीपी साझा किया था। शाम 6:55 बजे इंडियन बैंक खाते से रकम निकलने का मैसेज मिला। इसके तीन मिनट बाद एसबीआई खाते से दो ट्रांजैक्शन के संदेश आए। लगातार मैसेज मिलने पर उन्हें साइबर ठगी की आशंका हुई। उन्होंने बैंक एप के जरिए ट्रांजैक्शन की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन रकम किस खाते में ट्रांसफर हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने टोल फ्री नंबर पर कॉल कर खातों को निष्क्रिय कराया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। साइबर सेल ट्रांजेक्शन डिटेल और संबंधित यूपीआई आईडी की जांच कर रही है। इस संबंध में एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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शाहपुर क्षेत्र के राप्तीनगर निवासी रमेश पांडेय रेलवे मुख्यालय में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि 18 मई की शाम वह रामायण पाठ में शामिल थे। इसी दौरान उनके इंडियन बैंक खाते से 35,800 रुपये और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खाते से 50-50 हजार रुपये दो बार में निकाल लिए गए। इंडियन बैंक का खाता पूरी तरह खाली हो गया। पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं किया और न ही कोई ओटीपी साझा किया था। शाम 6:55 बजे इंडियन बैंक खाते से रकम निकलने का मैसेज मिला। इसके तीन मिनट बाद एसबीआई खाते से दो ट्रांजैक्शन के संदेश आए। लगातार मैसेज मिलने पर उन्हें साइबर ठगी की आशंका हुई। उन्होंने बैंक एप के जरिए ट्रांजैक्शन की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन रकम किस खाते में ट्रांसफर हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने टोल फ्री नंबर पर कॉल कर खातों को निष्क्रिय कराया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। साइबर सेल ट्रांजेक्शन डिटेल और संबंधित यूपीआई आईडी की जांच कर रही है। इस संबंध में एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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